ग्रीन एसएम इंडिया को यूपी में एग्रीगेटर का पहला लाइसेंस, सुरक्षित और सुलभ परिवहन सेवा देना मुख्य उद्देश्य : दयाशंकर

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में समूहक एवं वितरण सेवा प्रदाता (एग्रीगेटर) व्यवस्था को लागू करने की दिशा में परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक व वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली, 2026 प्रख्यापित की जा चुकी है। ऑनलाइन आवेदन के लिए निर्धारित पोर्टल पर अब तक पांच आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें चार आवेदन पूर्ण पाए गए हैं और उन्हें लाइसेंस स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि एम/एस ग्रीन एसएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने निर्धारित पांच लाख रुपये लाइसेंस फीस और 25 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कर दी है। इसके बाद कंपनी को प्रदेश में एग्रीगेटर के रूप में पहला लाइसेंस जारी किया गया है। मंत्री के अनुसार इससे प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से चालक को विक्रेता, ई-कॉमर्स इकाई अथवा प्रेषक से जोड़कर उत्पाद, कोरियर, पैकेज या पार्सल की डिलीवरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

नियमावली में वाहन जनित वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए, विशेषकर एनसीआर क्षेत्र में संचालित वाहनों की पोर्टल के माध्यम से निगरानी तथा एग्रीगेटर फ्लीट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए लाइव ट्रैकिंग, ड्राइवर का चरित्र सत्यापन, मनोवैज्ञानिक परीक्षण और समय-समय पर रिफ्रेशर प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।

यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक एग्रीगेटर को ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर नियुक्त करना होगा। यात्रियों के लिए बीमा तथा चालकों के कल्याण के लिए पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि मनमाने किराये पर नियंत्रण के लिए डायनेमिक प्राइसिंग में बेस किराये से अधिकतम 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त किराया निर्धारित किया जा सकेगा। निर्धारित समय पर यात्री को पिकअप न करने पर चालक पर 100 रुपये की पेनाल्टी लगेगी, जिसका लाभ यात्री को अगली यात्रा में दिया जाएगा।

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