
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट: दीनदयाल शोध संस्थान (DRI) द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (25 सितंबर) से भारत रत्न नानाजी देशमुख के जन्मदिवस (11 अक्टूबर) तक आयोजित किए जा रहे “ग्रामोदय पखवाड़ा” के अंतर्गत कौशल विकास व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चित्रकूट जनपद की ग्राम पंचायत बछरन में एक भव्य उद्यमिता जनजागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
पढ़ाई के साथ हुनर सीखकर आत्मनिर्भर बनें छात्राएं
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित उद्यमिता विद्यापीठ के फील्ड समन्वयक रमाशंकर शुक्ला ने इंटर कॉलेज बछरन की छात्राओं को संबोधित करते हुए विभिन्न कौशल प्रशिक्षणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि छात्राएं अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), भारत सरकार के अंतर्गत संचालित होने वाले अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रमों जैसे—सिलाई, मेहंदी, रंगोली, ब्यूटीशियन तथा आचार, पापड़ व बड़ी निर्माण जैसे उपयोगी हुनर सीख सकती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से सिलाई प्रशिक्षण के विधिक व आर्थिक लाभों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक ऐसा बेहतरीन हुनर है जिसके माध्यम से छात्राएं भविष्य में बुटीक या सिलाई केंद्र स्थापित कर न केवल अपनी आजीविका सुदृढ़ कर सकती हैं, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को साकार कर सकती हैं।
कॉलेज प्रशासन और समाजशिल्पी दंपती का रहा सराहनीय सहयोग
इस महत्वपूर्ण उद्यमिता कार्यक्रम को धरातल पर सफल बनाने में इंटर कॉलेज के प्राचार्य राकेश सिंह, शिक्षक अजीत सिंह तथा शिक्षिका श्रीमती उत्तरानी ने अपनी महत्वपूर्ण और प्रेरक भूमिका निभाई। पूरे कार्यक्रम का कुशल संयोजन क्षेत्र में कार्यरत समाजशिल्पी दंपती अनुज सिन्हा एवं श्रीमती पूनम सिन्हा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस दौरान छात्राओं ने कौशल विकास के इन कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भारी उत्साह दिखाया।