विश्व स्ट्रोक दिवस पर ऐशबाग पॉलीक्लीनिक में जागरूकता कार्यक्रम, FAST नियम से बताए लक्षण पहचानने के तरीके

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बादशाहनगर रमेश चन्द्र के निर्देशन में ऐशबाग स्थित पॉलीक्लीनिक में विश्व स्ट्रोक दिवस की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘समय आ गया है’ थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में रेलकर्मियों और उनके परिजनों को स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान, समय पर उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, ऐशबाग डॉ. संजय तिवारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य स्ट्रोक के मामलों में त्वरित कार्रवाई को प्रोत्साहित करना, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना और आमजन को इसके लक्षणों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक की स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर नुकसान का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

डॉ. तिवारी ने स्ट्रोक के लक्षण पहचानने के लिए FAST नियम की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि F यानी फेस के तहत चेहरे का एक हिस्सा अचानक झुकने या टेढ़ा होने पर ध्यान देना चाहिए। A यानी आर्म्स का अर्थ है किसी एक हाथ में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना। S यानी स्पीच के अंतर्गत बोलने में कठिनाई या आवाज अस्पष्ट होने जैसे लक्षण शामिल हैं। T यानी टाइम का संदेश है कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए एम्बुलेंस या आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्ट्रोक के मामले में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों और उनके परिजनों को स्ट्रोक से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा आपात स्थिति में सही निर्णय लेने के संबंध में भी परामर्श दिया गया।

इस अवसर पर डॉ. कुमार उमेश, सलाहकार, ऐशबाग, डॉ. रुचिका, दंत शल्य चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और रेलकर्मी उपस्थित रहे। रेलवे प्रशासन के अनुसार, ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाने और आपात परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रेरित करने में सहायक हैं।

Related Articles

Back to top button