
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट, सतना : धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को चित्रकूट में ‘पर्यावरण बचाओ अभियान’ के अंतर्गत सामूहिक जन-जागरूकता परिक्रमा आयोजित की गई। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
परिक्रमा का शुभारंभ राममोहल्ला स्थित प्रमुख मुखारविंद से हुआ। इस अवसर पर स्वामी डॉ. मदन मोहन दास जी महाराज, डॉ. उमेश कुमार शुक्ला, पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सहित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
परिक्रमा के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने तथा पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश दिया। प्रतिभागियों ने जनभागीदारी के माध्यम से चित्रकूट को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने का आह्वान किया।

इस आयोजन का उद्देश्य धार्मिक स्थलों एवं प्राकृतिक धरोहरों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। आयोजकों ने कहा कि चित्रकूट की पहचान उसकी धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। इसे संरक्षित रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का आयोजन श्री कामदगिरि प्रमुख द्वार ट्रस्ट, चित्रकूट धाम एवं ‘पर्यावरण बचाओ अभियान’ के माध्यम से किया गया। इसमें पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, संस्कार भारती के कार्यकर्ताओं तथा नियमित परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं ने भी सक्रिय सहभागिता की। आयोजकों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को निरंतर जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।