
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (मीडिया सेंटर) की ओर से स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन में ‘मूक्स (MOOCs) एवं स्वयं (SWAYAM) पाठ्यक्रम’ से संबंधित एक दिवसीय उच्चस्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाकर विद्यार्थियों को सशक्त करना रहा ।
क्रेडिट ट्रांसफर और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर विशेष चर्चा
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं मानवाधिकार विभाग की प्रो. यू.वी. किरण ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को सम्मिलित करने की विधिक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की विस्तृत जानकारी दी । उन्होंने डिजिटल शिक्षा के तहत छात्रों के पंजीकरण, क्रेडिट प्रणाली, क्रेडिट ट्रांसफर तथा इन शैक्षणिक क्रेडिट्स को नियमित पाठ्यक्रमों के साथ विधिक रूप से समायोजित करने की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला । मीडिया सेंटर के निदेशक एवं स्कूल ऑफ मीडिया एंड कम्युनिकेशन के संकायाध्यक्ष प्रो. गोपाल सिंह ने इस अकादमिक पहल की सराहना करते हुए इसे छात्र कल्याण में बेहद उपयोगी बताया ।
डिजिटल पाठ्यक्रम निर्माण में शिक्षकों की भूमिका
मीडिया सेंटर के प्रोड्यूसर डॉ. निरंजन कुमार ने उच्च शिक्षा में संकाय सदस्यों की महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि शिक्षक किस प्रकार नेशनल कोऑर्डिनेटर के माध्यम से ऑनलाइन ई-सामग्री (E-Content) तैयार कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान संकाय सदस्यों की भूमिका, मूल्यांकन, डिजिटल प्रमाणन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप लचीली शिक्षा पद्धति पर विशेष जोर दिया गया [09-10-2026]।
इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यशाला में प्रो. महेंद्र कुमार पाढी, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. कुंवर सुरेन्द्र बहादुर, डॉ. लोकनाथ सिंह सहित मीडिया सेंटर के तकनीकी विशेषज्ञ आनंद असवाल, अनुराग कुमार, अभिलाष दास, दुर्गेश मौर्य, अनूप कुमार, मयंक थपलियाल तथा श्री अरुण वर्मा मुस्तैदी से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारी संख्या में शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भी भाग लेकर डिजिटल शिक्षा के विधिक आयामों को समझा।
