
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) के हिंदी प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित ‘राजभाषा हिंदी उत्सव-2026’ के अंतर्गत ‘हिंदी में रोजगार के विविध अवसर, संभावनाएं एवं चुनौतियां’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ मुख्य वक्ता को अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रो. हरीश शर्मा ने विद्यार्थियों से कठिन परिस्थितियों को चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए अपनी प्रतिभा को अवसर में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने प्रेमचंद, यशपाल और पौराणिक पात्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि रोजगार की चुनौतियां नई नहीं हैं, लेकिन आज उच्च शिक्षा के साथ कौशल विकास और बहुभाषिकता बेहद आवश्यक है।
प्रो. शर्मा ने रेखांकित किया कि डिजिटल माध्यमों, सिनेमा, टेलीविजन और पर्यटन ने हिंदी को वैश्विक स्तर पर पहुँचाया है। उन्होंने युवाओं से अंग्रेज़ी सहित सभी भाषाओं के प्रति सम्मान रखते हुए हिंदी को रोजगार, सृजन और व्यावसायिक विकास का माध्यम बनाने की अपील की। अंत में राजभाषा सहायक निदेशक डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।