
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने उत्तर प्रदेश के कुछ चिन्हित संभागों में बुधवार 05 अगस्त से 08 अगस्त तक चार दिवसीय विशेष प्रवर्तन अभियान ‘मिशन आरोही’ चलाने के निर्देश प्रवर्तन दल को दिए गए थे। इस अभियान का नोडल अधिकारी अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन के.डी. सिंह गौर को नामित किया गया था। उन्हें निर्देश दिए गए थे कि वे स्वयं प्रदेश के विभिन्न संभागों में फील्ड में रह कर प्रवर्तन टीमों का नेतृत्व करेंगे और इस अभियान को प्रभावी और परिणामजन्य बनाने की रणनीति तय करेंगे।
परिवहन विभाग की यह मेगा प्रवर्तन कार्यवाही अभियान ‘मिशन आरोही’ मुख्यतः प्रवर्तन कार्यवाही के माध्यम से राजस्व प्राप्ति, बकाया वसूली, ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्यवाही और अनधिकृत यात्री वाहनों के संचालन को रोकने तथा सड़क पर विभाग की प्रभावी कार्यवाही की आरोही वृद्धि पर केंद्रित रही।

मिशन आरोही को कानपुर, प्रयागराज, झांसी, बांदा, आगरा, और लखनऊ संभाग के प्रवर्तन अधिकारियों ने सख्त अंदाज में संपादित किया और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध व्यापक प्रवर्तन कार्यवाही की।
अपर परिवहन आयुक्त के.डी. सिंह ने बताया कि चार दिवसीय इस अभियान में यात्री और माल वाहनों के विरुद्ध कार्यवाही में विभिन्न अभियोग में कुल 3,899 वाहनों का चालान किया गया और 862 वाहनों को थानों में निरुद्ध किया गया। चार दिनों की इस पूरी कार्यवाही से विभाग को लगभग 442.46 लाख रुपए बकाया राजस्व / कर और जुर्माने की प्राप्ति हुई।

परिवहन मंत्री एवं परिवहन आयुक्त ने अभियान के सफल संपादन पर, अभियान में लगी प्रवर्तन टीमों की प्रशंसा की है। कहा कि, सड़कों पर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसी कार्यवाही नियमित रूप से पूरे प्रदेश में होनी चाहिए। बीच बीच में अभियोग केंद्रित इसी प्रकार के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।