
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति को लेकर अभ्यर्थियों का संघर्ष और तेज हो गया है। अपनी मांगों को लेकर पिछले 36 दिनों से ईको गार्डन में अनवरत धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने मंगलवार सुबह राजधानी में ‘दस्तक दो अभियान’ की विधिक शुरुआत की। इसके तहत अभ्यर्थियों ने अलग-अलग टोलियां बनाकर उपमुख्यमंत्री सहित पांच कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सरकारी आवासों पर दस्तक दी तथा उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
शिक्षामंत्री व आलाधिकारियों संग बैठक कर निर्णय लेंगे मुख्यमंत्री
आंदोलन का मुख्य नेतृत्व कर रहे अभ्यर्थी तूफान सिंह ने बताया कि पिछले सात वर्षों से पीड़ित युवा न्याय के लिए भटक रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी विधिक आदेश का अनुपालन करते हुए पूर्णांक 150 में से 60 अंक (40 प्रतिशत) के आधार पर संशोधित परिणाम जारी कर तत्काल नियुक्तियां दी जाएं।
मुलाकात के दौरान विभिन्न नेताओं ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिए:
- डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मामला पूरी तरह संज्ञान में है और विभागीय कार्यवाही मुस्तैदी से चल रही है, आपके साथ न्याय होगा।
- कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल्द विधिक कार्रवाई का भरोसा दिया।
- कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता की है, जिसके बाद मुख्यमंत्री जी ने विभागीय मंत्री व प्रमुख सचिव के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर त्वरित निर्णय लेने की बात कही है।
- कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद एवं कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने भी उच्चाधिकारियों तथा मुख्यमंत्री से वार्ता कर प्रकरण के त्वरित व निष्पक्ष निस्तारण का आश्वासन दिया।

भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी बोले— मामला हमारी प्राथमिकताओं में शामिल
इसी कड़ी में अभ्यर्थियों की अंतिम टोली ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से भेंट की। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह गंभीर मामला संगठन और सरकार की सर्वोच्च विधिक प्राथमिकताओं में शामिल है और इस पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाएगा।

आज के इस व्यापक संपर्क अभियान में रंजना जायसवाल, आशुतोष वर्मा, विनोद प्रजापति, अवधेश शाक्य, नवीन चौधरी, किरन मौर्य, मयंक गुप्ता, उत्कर्ष पटेल, सच्चिदानंद, विमलेश गोता, धीरेंद्र कुशवाहा, सुमन यादव तथा अखिल कुमार के नेतृत्व में टोलियों ने मुस्तैदी दिखाई।
