
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जबलपुर : पश्चिम मध्य रेल में एक दिवसीय “क्षेत्रीय रेल हिंदी नाट्योत्सव – 2026” प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस नाट्योत्सव प्रतियोगिता में पश्चिम मध्य रेल के मुख्यालय सहित जबलपुर, भोपाल एवं कोटा मंडलों और भोपाल एवं कोटा कारखानों की सांस्कृतिक अकादमी के नाट्य दलों के कुल 90 रंगकर्मी रेल कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान कुल 06 नाटकों का मंचन किया गया। इस नाट्योत्सव प्रतियोगिता में श्रीमती दीपाली मकरंद घोंघे (विभाग प्रमुख, परफॉर्मिंग आर्ट्स, नागपुर विश्वविद्यालय), दिनेश चौधरी (प्रख्यात नाटककार, जबलपुर) तथा आशीष श्रीवास्तव (रंगमंच निदेशक, चेतना थिएटर, भोपाल) ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि नाटक साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है। इसके माध्यम से कलाकार रंगकर्मी मानवीय मूल्यों, भावों तथा सामाजिक घटनाक्रमों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं। नाटक दर्शकों सहित साहित्यकारों एवं आलोचक वृंद को भी प्रभावित करते हैं। हमारे रेलकर्मी कलाकार अपनी शासकीय एवं पारिवारिक जिम्मेदारी निभाते हुए सांस्कृतिक गतिविधियों का भी बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। मैं नाटकों के निर्देशकों, कलाकारों एवं टीम मैनजरों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। साथ ही मैं विजेता टीम को भी अपनी शुभकामनाएं देता हूँ।
पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के दौरान प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले नाटकों को ट्रॉफी, तीन अन्य को प्रेरणा पुरस्कार एवं 13 विविध विधाओं में व्यक्तिगत पुरस्कार प्राप्त करने वाले कलाकार रेलकर्मियों तथा निर्णायक मंडल को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त नाटक “डोर प्रीत की खींचे मोरा राम गाड़ीवान” अखिल रेल हिंदी नाट्योत्सव में पश्चिम मध्य रेल का प्रतिनिधित्व करेगा। साथ ही इस प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान नाटक “पशु का अंत” जबलपुर मंडल एवं तृतीय स्थान पर “लल्ला को ब्याह” कोटा मण्डल विजेता रहे।
अपर महाप्रबंधक, प्रमोद कुमार खत्री, प्रमुख मुख्य अभियंता एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी आशुतोष, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी एवं अध्यक्ष, सांस्कृतिक आकादमी एस.डी. पाटीदार सहित विभिन्न विभागों के विभाग प्रमुख तथा पश्चिम मध्य रेल महिला कर्मचारी कल्याण संगठन के पदाधिकारीगण एवं अन्य अधिकारीगण तथा राजभाषा विभाग के कर्मचारीगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी ने तथा उप मुख्य राजभाषा अधिकारी ने मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल, समस्त विभाग प्रमुखों एवं अन्य अधिकारियों, नाटक दलों के निर्देशकों, टीम मैनेजरों एवं कलाकारों तथा उपस्थित रेल कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट किया।
