65 वर्ष की उम्र में युवा जोश, डॉ. घनश्याम गुप्ता ने सतना हाफ मैराथन में हासिल किया दूसरा स्थान

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट / सतना : उम्र महज एक संख्या है, यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा और संकल्प मजबूत हो। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग के प्राध्यापक डॉ. घनश्याम गुप्ता ने 65 वर्ष की उम्र में सतना हाफ मैराथन-2026 की 10 किलोमीटर युवा दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर इस बात को साबित किया है। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय में हर्ष का माहौल है।

पंडित गणेश प्रसाद मिश्रा सेवा न्यास, सतना की ओर से श्रीमती शांति मिश्रा के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर 25 अक्टूबर को सातवें मैराथन आयोजन का आयोजन किया गया। इसमें 5, 10 और 21 किलोमीटर की दौड़ आयोजित हुईं। प्रतियोगिता में देश के 27 प्रांतों से आए लगभग पांच हजार धावकों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच डॉ. गुप्ता ने 10 किलोमीटर की दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

डॉ. घनश्याम गुप्ता को छात्र जीवन से ही दौड़ने का शौक रहा है। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एथलेटिक्स चैंपियन का खिताब हासिल किया था। इसके अलावा उन्हें कलर सम्मान मिला और सार्क देशों की क्रॉस कंट्री दौड़ में भी उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सतना हाफ मैराथन-2021 में भी डॉ. गुप्ता तीसरे स्थान पर रहे थे।

अपनी सफलता पर डॉ. गुप्ता का कहना है कि दौड़ना उनके लिए केवल खेल नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा है। अपनी सक्रियता और उपलब्धियों के माध्यम से वह युवाओं को निरंतर प्रयास करने तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने का संदेश देना चाहते हैं। उनका मानना है कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी उम्र में लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

मैराथन जैसे आयोजन युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. गुप्ता की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और उत्साह के बल पर उम्र की सीमाओं को चुनौती दी जा सकती है।

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