
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से प्रदेश के सभी 19 मंडलीय एवं संभागीय परिवहन कार्यालयों में परिवहन मेले का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य वाहन स्वामियों और आम नागरिकों को परिवहन विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर सरल, सुगम और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के साथ विभागीय राजस्व में वृद्धि करना है।
अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) चित्रलेखा सिंह ने बताया कि मेले का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों, मंडलायुक्तों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इसमें बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारी, वाहन स्वामी और आम नागरिक शामिल हुए।

मेले में बकाया वसूली, शास्ति छूट, वाहन पंजीकरण, फिटनेस, परमिट और स्क्रैपेज के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए। यहां लंबित कर जमा करने पर नियमानुसार शास्ति में छूट, नए वाहनों का पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट जारी करने एवं नवीनीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा वाहन स्वामियों के मोबाइल नंबर अपडेट करने की व्यवस्था भी की गई।
अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर पुराने वाहन स्क्रैप कराने के बाद प्रमाणपत्र के आधार पर नए वाहनों के पंजीकरण की सुविधा दी गई। निजी वाहनों को व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कराने के इच्छुक लोगों को भी मार्गदर्शन दिया गया।

नागरिकों को ड्राइविंग लाइसेंस, स्वामित्व हस्तांतरण, चालान, ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज सत्यापन की जानकारी दी गई। एक अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने के लिए भी जागरूक किया गया।
मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर में पुराने वाहनों के संचालन के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई तथा परिवर्तन योजना की जानकारी दी गई। वाहन स्वामियों को पुराने बीएस-I, बीएस-II, बीएस-III और बीएस-IV वाहनों को स्क्रैप कराकर नए बीएस-VI वाहन खरीदने के लिए प्रेरित किया गया।

परिवहन विभाग के अनुसार, मेले में प्रदेशभर में 3,623 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान की गईं। इस दौरान 6.30 करोड़ रुपये बकाया कर राजस्व जमा हुआ तथा 11.60 लाख रुपये की ईवी सब्सिडी वितरित की गई। मेले में ईवी डीलरों, स्क्रैप सेंटर और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के प्रतिनिधियों ने भी स्टॉल लगाए।
