आपदा-रोधी उत्तर प्रदेश के लिए राज्यव्यापी अभ्यास, 34 जनपदों में होगी मेगा मॉक एक्सरसाइज

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश को अधिक सुरक्षित, सक्षम और आपदा-रोधी बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UP SDMA) की ओर से दो दिवसीय Symposium-cum-Table Top Exercise (TTEx) का आयोजन किया गया। यूपी एसडीएमए भवन, गोमती नगर विस्तार में संपन्न अभ्यास में भूकंप, औद्योगिक रासायनिक एवं अग्नि आपदाओं से निपटने की तैयारियों, प्रतिक्रिया क्षमता और अंतर-विभागीय समन्वय की समीक्षा की गई।

उद्घाटन सत्र में UP SDMA के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, PVSM, AVSM, VSM (सेवानिवृत्त) ने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य राज्य, मंडल और जिला स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की वास्तविक क्षमता परखना, कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना तथा प्रदेश की Resilience मजबूत करना है। प्रमुख सचिव राजस्व श्रीमती अपर्णा यू., आईएएस ने कहा कि आपदा प्रबंधन का लक्ष्य केवल राहत नहीं, बल्कि जोखिम न्यूनीकरण और पूर्व तैयारी के माध्यम से जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना है।

अपर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं पद्मजा चौहान, IPS ने Whole of Government और Whole of Society दृष्टिकोण को मजबूत करने पर जोर दिया। पुलिस महानिदेशक, पीएसी उत्तर प्रदेश डॉ. आलोक सिंह, IPS ने कहा कि आपदा में प्रत्येक सेकंड महत्वपूर्ण होता है और कमांड-कंट्रोल तथा संसाधनों की उपलब्धता पहले से स्पष्ट होनी चाहिए। NDMA की सदस्या रीता मिसल ने कहा कि आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण अहम हैं। लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, PVSM, UYSM, AVSM, YSM, आर्मी कमांडर, सेंट्रल कमांड ने अर्ली वार्निंग, आधुनिक तकनीक और मिलिट्री-सिविल कोऑर्डिनेशन पर बल दिया।

अभ्यास में भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील 34 जनपदों तथा 11 मंडलों के पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन अधिकारियों ने भाग लिया। NDMA, DRDE-DRDO, NCS, UP SDMA, फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज, भारतीय रेल, NDRF, स्वास्थ्य विभाग और भारतीय सेना के विशेषज्ञों ने तकनीकी जानकारी साझा की। प्रथम दिन एक्सरसाइज का संचालन विशेष कार्याधिकारी मान्धाता प्रताप सिंह ने किया।

दूसरे दिन TTEx में भूकंप, रासायनिक गैस रिसाव, रसायन फैलाव और अग्नि आपदा के परिदृश्यों पर प्रतिक्रिया रणनीतियों का परीक्षण हुआ। इसका संचालन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर-प्रशिक्षण प्रवीन किशोर ने किया।

अब 18 सितंबर को 34 जनपदों की 157 तहसीलों में मेगा मॉक एक्सरसाइज होगी। DEOC और Incident Response Teams सक्रिय किए जाएंगे तथा फील्ड हॉस्पिटल, ट्रायेज, खोज-बचाव और चिकित्सा व्यवस्था परखी जाएगी। विद्यालयों, मॉल, कार्यालयों, बहुमंजिला भवनों और MAH व Non-MAH औद्योगिक इकाइयों में अभ्यास होगा। भारतीय रेल ट्रेन के पटरी से उतरने की आपदा का भी सिमुलेशन करेगा। UP SDMA वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राज्यस्तर पर इसकी लाइव मॉनिटरिंग और कमांड-कंट्रोल करेगा।

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