
राहुल यादव, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ एवं चंबल आर्काइव्स न्यास, लखनऊ के बीच 2 नवंबर को भारतीय ज्ञान प्रणाली, विरासत अभिलेखीकरण, क्षमता निर्माण तथा अकादमिक-औद्योगिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इस अवसर पर डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, चंबल आर्काइव्स न्यास के श्री मानवेन्द्र पोरवाल एवं कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह उपस्थित रहे।
इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान प्रणाली उत्कृष्टता केंद्र को अकादमिक एवं औद्योगिक सहयोग के माध्यम से सशक्त बनाना है। इसके तहत दोनों संस्थान संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, शोध गतिविधियां, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण और शोध कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाएं तैयार करने, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से शोध अनुदान प्राप्त करने तथा तकनीकी विशेषज्ञता और संसाधनों का आदान-प्रदान करने में सहयोग करेंगे। विद्यार्थियों के कौशल विकास, रोजगारपरक क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देना भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत का महत्वपूर्ण आधार है। चंबल आर्काइव्स न्यास के साथ यह समझौता विश्वविद्यालय के भारतीय ज्ञान प्रणाली उत्कृष्टता केंद्र को नई दिशा और व्यापक कार्यक्षेत्र प्रदान करेगा। इससे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, विरासत संरक्षण और अभिलेखीकरण के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव तथा शोध के नए अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में आईक्यूएसी निदेशक प्रो. शिल्पी वर्मा, रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक प्रो. शिशिर कुमार, प्रो. शूरा दारापुरी, प्रो. सुभाष मिश्रा एवं डॉ. सुदर्शन चक्रधारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

