
राहुल यादव, लखनऊ : 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग को लेकर पिछले 64 दिनों से धरना दे रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के लखनऊ स्थित आवास पर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों का पालन करते हुए भर्ती परिणाम संशोधित करने तथा पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि प्रदेशभर के अभ्यर्थी पिछले 64 दिनों से अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग ने आदेश जारी किया है और 10 सितंबर 2026 को बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी आरक्षण विसंगति पर चर्चा और पुष्टि हुई, तो समाधान में देरी क्यों हो रही है?
करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मंत्री आशीष पटेल आवास से बाहर आए और अभ्यर्थियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा, “हम आपके बेहतर वकील हैं और आपके साथ न्याय के लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं। आपकी चिंता जायज है। आपके लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार से आपको वंचित नहीं किया जाएगा। लेकिन मुझे दीपावली तक का समय दिया जाए।”
मंत्री के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने ‘हर हाल में आरक्षण लेकर रहेंगे’, ‘आरक्षण तुमको देना होगा’ और ‘68,500 शिक्षक भर्ती पूरी करो’ जैसे नारे लगाए।
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी दीपावली तक मंत्री के आश्वासन का इंतजार करेंगे। यदि इस अवधि में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे मंत्री के आवास पर ही दीपावली मनाने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में रंजना जायसवाल, अमित, अजीत सिंह, विनय प्रजापति, राहुल, दीपक, नसीम, रेखा रानी, कोमल रानी, ललिता चौधरी, क्षमा, मनोज, अरविंद, संतोष समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों शिक्षक अभ्यर्थी शामिल हुए।
