काशी रेलवे स्टेशन का 349 करोड़ से होगा कायाकल्प, नमो गंगा पुल का रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया निरीक्षण

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, वाराणसी : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को काशी रेलवे स्टेशन और गंगा नदी पर निर्माणाधीन नमो गंगा रेल-सह-सड़क पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के पुनर्विकास, आधुनिकीकरण तथा पुल निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन स्टेशन भवन, विशाल कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया।

इस अवसर पर रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। यह कॉरिडोर दिल्ली से गुवाहाटी तक विकसित होगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित परियोजना के तहत दिल्ली से आगरा की दूरी 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर 1 घंटा 59 मिनट, दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट, काशी से लखनऊ 1 घंटा 21 मिनट और काशी से पटना की दूरी एक घंटे में पूरी हो सकेगी। वहीं, काशी से दिल्ली 3 घंटे 35 मिनट और वाराणसी से आगरा 2 घंटे 24 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी होगी। इसका किराया हवाई यात्रा से कम रखने की बात कही।

रेल मंत्री ने बताया कि काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर 349.50 करोड़ रुपये की स्वीकृत लागत निर्धारित है। इसमें 304.61 करोड़ रुपये का कार्य आवंटित किया गया है। परियोजना के तहत उत्तर और दक्षिण दिशा में जी+2 के दो आधुनिक स्टेशन भवन बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक भवन का क्षेत्रफल लगभग 10,358 वर्ग मीटर होगा। इसके अलावा 10,622 वर्ग मीटर का विशाल कॉनकोर्स विकसित किया जा रहा है।

स्टेशन पर रेलवे ट्रैक की संख्या चार से बढ़ाकर दस और प्लेटफॉर्म चार से बढ़ाकर छह किए जाएंगे। प्रत्येक प्लेटफॉर्म की लंबाई 600 मीटर होगी। प्रतिदिन यात्रियों की क्षमता 1,954 से बढ़ाकर 13,261 तथा ट्रेनों का संचालन 16 जोड़ी से बढ़ाकर 36 जोड़ी करने की योजना है। यात्रियों की सुविधा के लिए 30 लिफ्ट और 23 एस्केलेटर लगाए जाएंगे। प्रतीक्षालयों और कॉनकोर्स में लगभग 3,100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। पार्किंग क्षमता भी 115 से बढ़ाकर 440 ईसीएस की जाएगी।

इसके बाद रेल मंत्री ने निर्माणाधीन नमो गंगा रेल-सह-सड़क पुल का निरीक्षण किया। लगभग 1,074.6 मीटर लंबे इस पुल की स्वीकृत लागत 1,380.87 करोड़ रुपये है। निर्माण के लिए 1,201.37 करोड़ रुपये का अनुबंध आवंटित किया गया है। पुल में कुल दस स्पैन, नौ पियर और दो एबटमेंट बनाए जा रहे हैं।

इस पुल की खासियत यह है कि इसके निचले तल पर चार रेल लाइनें और ऊपरी तल पर छह लेन का सड़क मार्ग विकसित किया जा रहा है। रेल लाइनों पर 2×25 केवी विद्युत प्रणाली स्थापित होगी। पुल के निर्माण से रेल और सड़क यातायात को नई सुविधा मिलेगी।

रेल मंत्री के निरीक्षण के दौरान उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।

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