काशी को मिली तीन नई रेल सेवाओं की सौगात, वाराणसी-दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर 2026 को बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, वाराणसी सिटी-राजातालाब तथा प्रयागराज रामबाग-बनारस ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण भी किया। रेल मंत्री ने ट्रेन में यात्रियों, बच्चों, रेल कर्मचारियों और लोको पायलटों से संवाद कर सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल आधुनिक स्वरूप में विकसित हो रही है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से काशी और दिल्ली के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 8 से 9 घंटे रह जाएगा। यात्री रात में वाराणसी से रवाना होकर सुबह दिल्ली पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन देश की आध्यात्मिक राजधानी को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्रियों को मात्र 95 रुपये के मासिक पास पर यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं बनारस से प्रयागराज के बीच मेमू ट्रेन का मासिक किराया 220 रुपये निर्धारित किया गया है। इससे छात्रों, किसानों, व्यापारियों, महिलाओं और अधिवक्ताओं को लाभ मिलेगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच आठ मेमू ट्रेनों का संचालन होगा। ये वाराणसी, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर रुकेंगी। वहीं बनारस-प्रयागराज मार्ग पर दो मेमू ट्रेनें राजातालाब, माधोसिंह, ज्ञानपुर रोड, हंडिया खास और झूंसी स्टेशनों पर ठहरेंगी।

उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों और कर्मचारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। ऊपरी और मध्य बर्थ पर चढ़ने के लिए विशेष सीढ़ियों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसे पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण रेल सुविधा बताया।

रेल मंत्री ने आगे बताया कि दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना होते हुए गुवाहाटी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इसके बनने पर दिल्ली से वाराणसी की यात्रा लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए 20,012 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। साथ ही रेलवे के विद्युतीकरण, ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण से यात्री सुविधाओं में विस्तार हुआ है।

कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर केंद्रीय एवं प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पाण्डेय, बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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