
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, गोरखपुर : गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से अपशब्दों के प्रयोग का मामला सामने आया है। वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता रत्नाकर सिंह ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताते हुए स्थानीय प्रशासन से मामले का स्वतः संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
एक प्रेस वार्ता में रत्नाकर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने, सरकार की नीतियों की आलोचना करने और राजनीतिक विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा नहीं हो सकता।
उन्होंने बताया कि सिविल लाइंस स्थित एक अतिथि गृह में 14 सितंबर को ‘जेन जी महाजुटान’ के गोरखपुर चरण का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में युवाओं की बेरोजगारी, पेपर लीक और असंतोष जैसे मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी। सिंह के अनुसार, कार्यक्रम के लिए चार सितंबर को अतिथि गृह बुक कराया गया था, लेकिन 13 सितंबर तक प्रशासन से अनुमति मिलने की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। उन्होंने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि कार्यक्रम को अनुमति मिली थी अथवा नहीं और यदि अनुमति नहीं मिली थी तो आयोजन किस प्रकार हुआ।
सिंह ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच यदि आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ, तो प्रशासन की भूमिका भी स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कानून-व्यवस्था और निर्धारित नियमों के पालन की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है।
उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद मुख्यमंत्री के समर्थकों में नाराजगी है और मामले में शिकायतें या मुकदमे दर्ज होने की संभावना है। हालांकि, किसी भी आरोप पर कार्रवाई तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर ही की जानी चाहिए।
रत्नाकर सिंह ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्यक्रम की अनुमति, आयोजन की परिस्थितियों और कथित बयान की वास्तविकता स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक संवाद में संयम और मर्यादा बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।