
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, अहमदाबाद : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को गुजरात में चार गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) राष्ट्र को समर्पित किए, जबकि मेहसाणा के लिंच में एक नए GCT की आधारशिला रखी। इन टर्मिनलों से माल की तेज आवाजाही, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और क्षेत्रीय उद्योगों को राष्ट्रीय बाजारों एवं बंदरगाहों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
कच्छ के शिवलाखा और भीमसार, मोरबी के देवलिया तथा बनासकांठा के चंडीसार स्थित GCT का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रेल मंत्री ने शिवलाखा GCT से मीठापुर के लिए नमक लदी मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि गुजरात, विशेषकर कच्छ, देश का प्रमुख नमक उत्पादक क्षेत्र है और नमक को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने में परिवहन संबंधी चुनौतियां रही हैं।
वैष्णव ने बताया कि पारंपरिक रेलवे वैगनों में नमक के परिवहन में वैगन के अधिक वजन और नमक द्वारा नमी सोखने के कारण लोडिंग-अनलोडिंग में कठिनाई होती थी। इन समस्याओं को दूर करने के लिए हल्के वजन वाले स्टेनलेस स्टील सॉल्ट कंटेनर विकसित किए गए हैं। इनमें ऊपर से लोडिंग और साइड से अनलोडिंग की सुविधा है, जिससे नमक का परिवहन अधिक सुविधाजनक और प्रभावी होगा।

रेल मंत्री ने कहा कि देश में अब 150 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कच्छ में करीब 5,600 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं। समाखियाली-भचाऊ और गांधीधाम-आदिपुर खंडों में क्षमता विस्तार के साथ चार लाइन की सुविधा विकसित की गई है, जबकि आदिपुर-भुज खंड का दोहरीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भुज-नलिया गेज कन्वर्जन से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। नलिया-जखाऊ पोर्ट नई ब्रॉडगेज लाइन को भी मंजूरी दी गई है। विस्तारित रेल नेटवर्क से उद्योग, रक्षा क्षेत्र और स्थानीय समुदायों को लाभ मिलेगा।
वैष्णव ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को माल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे तेज और कुशल माल आवाजाही संभव होगी। उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के वापी-सूरत खंड को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य भी बताया। कार्यक्रम में गुजरात सरकार के राज्य मंत्री त्रिकमभाई छंगा, सांसद विनोदभाई चावड़ा, हरिभाई पटेल, राजूभाई शुक्ला और चंदूभाई सिहोरा समेत अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।