‘हक़’ सिर्फ देखने नहीं, बात करने की कहानी है : इमरान हाशमी

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मुंबई : अभिनेता इमरान हाशमी अपनी फिल्म ‘हक़’ को लेकर उत्साहित हैं। फिल्म की कहानी को लेकर उन्होंने कहा कि यह केवल देखने वाली नहीं, बल्कि उस पर बातचीत करने वाली कहानी भी है। उनके मुताबिक फिल्म में एक शादी के रिश्ते, उसके उतार-चढ़ाव और तलाक तक पहुंचने की भावनात्मक यात्रा को केंद्र में रखा गया है।

इमरान हाशमी ने कहा कि दो घंटे की फिल्म में किसी वास्तविक घटना या विषय के सभी पहलुओं को शामिल करना संभव नहीं होता। इसलिए ‘हक़’ में दो किरदारों के बीच की मानवीय और भावनात्मक कहानी पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने फिल्म को “दो टूटे हुए लोगों की कहानी” बताते हुए कहा कि इसके साथ एक बड़ा टकराव भी जुड़ा है। एक ओर पुरुष अपने विश्वास के लिए संघर्ष करता है, वहीं महिला अपने गुजारे और सम्मान जैसे बुनियादी अधिकारों के लिए लड़ती है।

अपने किरदार के बारे में अभिनेता ने कहा कि ऐसे पात्र निभाना उनके लिए अधिक चुनौतीपूर्ण और दिलचस्प होता है, जिनकी सोच और दुनिया को देखने का नजरिया उनसे अलग हो। स्क्रिप्ट को बार-बार पढ़ने और किरदार को भावनात्मक रूप से जीने के दौरान कलाकार धीरे-धीरे उसके विचारों और व्यवहार के पीछे छिपी वजहों को समझने लगता है। उनके अनुसार, किसी अलग नजरिए वाले व्यक्ति का किरदार निभाते हुए कलाकार खुद भी कुछ नया सीखता है।

इमरान ने कहा कि अभिनय की खूबसूरती इसी में है कि कलाकार को ऐसे दृष्टिकोण समझने का अवसर मिलता है, जो उसकी अपनी सोच से अलग होते हैं। ऐसे किरदार कलाकार की समझ को चुनौती देते हैं और उसे अपने बारे में भी नए सिरे से सोचने का मौका देते हैं।

फिल्म के टेलीविजन प्रीमियर को लेकर उन्होंने खुशी जताई। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को रात 8 बजे एंड पिक्चर्स पर ‘हक़’ का प्रसारण होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिनेमाघरों में फिल्म नहीं देख पाए दर्शक अब घर बैठे इसे देख सकेंगे और कहानी उनके बीच सार्थक बातचीत की शुरुआत करेगी।

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