
दीपेन्द्र दुबे, लखनऊ : उत्तर प्रदेश की गन्ना सहकारी समितियों से जुड़े निर्वाचित अध्यक्षों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंजीनियर सिद्धांत सिंह की अध्यक्षता एवं ब्रिजेंद्र प्रमुख, मलियाना के नेतृत्व में गन्ना आयुक्त से मुलाकात कर प्रदेश की गन्ना सहकारी समितियों एवं किसानों से संबंधित विभिन्न समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने समितियों के सुचारु संचालन तथा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख रूप से मांग की कि समितियों की बैठकों में अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसके साथ ही एफडीआर कराने का अधिकार प्रबंध समिति को दिए जाने तथा डीसीओ एवं डीवाईसीसी स्तर से की जा रही एफडीआर व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की मांग भी उठाई गई।
प्रतिनिधियों ने गन्ना समितियों में पैक्स संस्थाओं की भांति अध्यक्ष एवं सचिव अथवा अधिकृत पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया। समिति से संबंधित सामग्री की खरीद पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कराने तथा सभी विभागीय पत्राचार एवं आदेशों की प्रतिलिपि अध्यक्ष को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
इसके अतिरिक्त नियमानुसार अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति द्वारा की गई शिकायतों की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गन्ना समितियां किसानों की महत्वपूर्ण संस्थाएं हैं और निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकार एवं भूमिका को प्रभावी बनाए बिना समितियों का सुचारु संचालन संभव नहीं है।

गन्ना आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक में प्रदेश की विभिन्न गन्ना सहकारी समितियों के निर्वाचित अध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
