बीबीएयू में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

अशोक यादव, लखनऊ :बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 14 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव समिति की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की। इसके अतिरिक्त कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, आजादी का अमृत महोत्सव समिति की चेयरपर्सन एवं आईक्यूएसी डॉयरेक्टर प्रो. शिल्पी वर्मा, कैप्टन (प्रो.) राजश्री, लेफ्ट.(डॉ.) मनोज कुमार डडवाल और डॉ. कोमल सिंह मौजूद रहीं।   विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिवस हमें उस कठिन दौर की याद दिलाता है, जब देश की स्वतंत्रता के लिए असंख्य लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, संघर्ष किया और अनेक कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने बताया कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और अपने घर-परिवार, संपत्ति तथा जीवन की स्थिरता छोड़कर नए स्थानों पर पुनः जीवन शुरू करना पड़ा।  साथ ही विस्थापित लोगों ने रोजगार, आवास और जीवनयापन से जुड़ी अनेक चुनौतियों के बीच अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना किया। कुलपति जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए यह समझना आवश्यक है कि स्वतंत्रता हमें विरासत के रूप में सहजता से प्राप्त नहीं हुई, बल्कि यह लाखों लोगों के त्याग, बलिदान, संघर्ष और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। ऐसे में युवाओं का दायित्व है कि वे स्वतंत्रता के मूल्यों को समझते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पित भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। प्रो. मित्तल ने बताया कि देश के विकास में योगदान केवल बड़े स्तर पर कार्य करने से ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर भी जिम्मेदारी निभाकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कार्य करना चाहिए। यही सच्चे अर्थों में उन सभी ज्ञात-अज्ञात लोगों के प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और बेहतर भविष्य के लिए अपना जीवन समर्पित किया।आजादी का अमृत महोत्सव समिति की चेयरपर्सन प्रो. शिल्पी वर्मा ने कहा कि विभाजन विभीषिका का दौर लाखों परिवारों के जीवन को प्रभावित करने वाली मानवीय त्रासदी भी थी। इस दौरान बच्चों और महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को असहनीय पीड़ा और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें उन पीड़ाओं और संघर्षों को याद करने का अवसर देता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास से सीख लेकर शांति, सद्भाव, मानवता और आपसी भाईचारे के मूल्यों को मजबूत करें।  इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स हाथों में तिरंगा ध्वज लेकर उपस्थित रहे। यह तिरंगे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत उन्हें प्रदान किए गए थे, जिसने कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सशक्त किया।

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