
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार 2 अगस्त 2026 को विधान भवन में विभिन्न नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने विधान परिषद के नवीनीकृत सभा मण्डप, कॉरिडोर के साथ-साथ विधान भवन में निर्मित डिजिटल लाइब्रेरी व पॉडकास्ट स्टूडियो का भी उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:00 बजे मुख्यमंत्री का आगमन विधान परिषद के गेट नंबर 08 से हुआ। उनके साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और सहित विधान परिषद के वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने विधान परिषद के नवीनीकृत कॉरिडोर का अनावरण किया। इसके बाद विधान भवन के प्रथम तल पर विधान परिषद की डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन और नवीनीकृत सभा मण्डप का लोकार्पण किया।
मुख्य भवन के भूतल पर स्थित नवीनीकृत कॉरिडोर का उद्घाटन किया गया। साथ ही विधानसभा के पुस्तकालय में नवनिर्मित अत्याधुनिक पॉडकास्ट स्टूडियो का शुभारम्भ भी किया गया। इस स्टूडियो के माध्यम से अब विधायी कार्यों और जनहित के मुद्दों पर विशेषज्ञों से सीधी चर्चा प्रसारित की जा सकेगी।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने विधान भवन में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां हेलीकॉप्टर आकार का VR सिमुलेटर विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस सिमुलेटर में मुख्यमंत्री, सभापति, विधानसभा अध्यक्ष सुरेश खन्ना जी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी भी बैठे। लाइट बंद होते ही सामने लगी एलईडी स्क्रीन पर अयोध्या, मथुरा, काशी, गोरखनाथ मठ और प्रयागराज कुंभ सहित उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थानों का 360° दृश्य दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नए तरीके से प्रदर्शित किया जा सकेगा।
समिति कक्ष संख्या-15 में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इसमें विधानसभा के सभी दलों के नेताओं ने आगामी सत्र और विधायी मुद्दों पर चर्चा की।
राजर्षि पुरुषोत्तम दास टण्डन हाल स्थित कैफेटेरिया में मध्याह्न भोज का आयोजन हुआ।
मुख्यमंत्री ने विधान भवन से प्रस्थान किया।
विधान भवन को मिली तकनीक की सौगात
विधान भवन के इन नवीनीकरण कार्यों से प्रदेश की विधायिका को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। डिजिटल लाइब्रेरी से विधायकों को शोध में मदद मिलेगी, पॉडकास्ट स्टूडियो से संवाद सीधे जनता तक पहुंचेगा और VR सिमुलेटर जैसी तकनीक से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधान भवन प्रदेश की लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है और इसके आधुनिकीकरण से विधायी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व तकनीक आधारित होगी।