
अशोक यादव, लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की गई है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में काठमांडू, नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय के 15 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बीबीएयू का शैक्षणिक भ्रमण किया।

कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में शिक्षकों व छात्रों का होगा विधिक आदान-प्रदान
त्रिभुवन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एंड एनिमल साइंस के संकायाध्यक्ष प्रो. किशोर चंद्र दहाल के कुशल नेतृत्व में आए इस नेपाली डेलिगेशन ने भारत-नेपाल के मध्य उच्च शिक्षा के विस्तार पर बल दिया। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कृषि विज्ञान, जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) और पशुपालन के क्षेत्रों में दोनों संस्थानों के मध्य जल्द ही एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने का विधिक प्रस्ताव रखा। इसके तहत दोनों देशों के शिक्षकों व विद्यार्थियों के पारस्परिक आदान-प्रदान, संयुक्त शोध परियोजनाओं के संचालन तथा डिग्री कार्यक्रमों में क्रेडिट ट्रांसफर प्रणाली लागू करने की संभावनाओं पर मुस्तैद विचार-विमर्श किया गया ।

नेपाली दल ने परखीं विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक शोध प्रयोगशालाएं
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का भ्रमण कर वहाँ उपलब्ध शोध सुविधाओं, अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान परियोजनाओं तथा वैज्ञानिक नवाचारों का प्रत्यक्ष विधिक अवलोकन किया। इस दौरान डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू, कुलसचिव डॉ अश्विनी कुमार सिंह तथा कार्यक्रम की मुख्य संयोजक प्रो. दीपा एच. द्विवेदी मुस्तैदी से उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डायरेक्टर प्रो. शिशिर कुमार, वित्त अधिकारी प्रो. सनातन नायक, प्रो. शिल्पी वर्मा सहित बागवानी एवं प्राणी विज्ञान विभागों के विभागाध्यक्ष व शिक्षकगण उपस्थित रहे।
