
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। दिव्यांगजनों और दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाते हैं।
मंत्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि पुरस्कारों के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच शीघ्र पूरी की जाए। जिन श्रेणियों में आवेदन प्राप्त नहीं हुए हैं, उनमें जिला दिव्यांगजन अधिकारियों और जिलाधिकारियों के माध्यम से आवेदन मंगाए जाएं, ताकि कोई भी श्रेणी खाली न रहे। उन्होंने बताया कि पुरस्कार की धनराशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर वर्तमान सरकार ने 25 हजार रुपये कर दी है।
उन्होंने कहा कि पुरस्कार देने का उद्देश्य दिव्यांगजनों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें यह विश्वास दिलाना है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। पात्र दिव्यांगजन, नियोक्ता तथा दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं का चयन पारदर्शिता के साथ किया जाए। पुरस्कारों के लिए कुल 12 श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों की व्यवस्था है।
बैठक में 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांगता दिवस पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन की सभी तैयारियां समय से पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
बैठक में प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, निदेशक अस्मिता लाल, संयुक्त निदेशक अमित सिंह, उप निदेशक अमित राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
