
अनुपूरक न्यूज़ एजेंसी, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए कार्य कर रही डेलॉयट के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी कार्ययोजना तैयार की गई है, उसका परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में संस्था द्वारा संतोषजनक प्रगति नहीं की गई है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रस्तावित कार्ययोजनाओं पर यथाशीघ्र कार्य शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस माह पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए महाभियान चलाया जाए तथा अगले माह अगस्त के मध्य में मुम्बई में निवेश प्राप्त करने के लिए रोड-शो का आयोजन किया जाए।
पर्यटन मंत्री बुधवार यहां गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन के सभागार में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए संस्था द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना एवं भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श कर रहे थे। इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी तथा वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने डेलॉयट संस्था को निर्देशित किया कि काशी, विध्यांचल धाम तथा नैमिषारण्य में निवेश एवं पर्यटन संसाधनों के प्रचार के लिए तीन दिन में कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी कहा कि कार्ययोजना बनाने के साथ ही उसके क्रियान्वयन पर विशेष फोकस करें।

जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन सेक्टर में काफी बदलाव आयें हैं। कानून व्यवस्था के साथ ही कनेक्टिविटी बेहतर की गई है। उन्होंने ओडीओपी के तर्ज पर ओडीओसी को जोड़कर प्रचार-प्रसार करने एवं रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन के 12 परिपथ मौजूद हैं। इस सर्किट से जुड़े स्थलों का सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों तथा रोड-शो के माध्यम से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। डेलॉयट संस्था ने बताया कि शीघ्र ही वाराणसी, विंध्याचलधाम तथा नैमिषारण्य में पर्यटकों के आगमन तथा उनके अनुभव पर आधारित अभियान चलाया जायेगा। मा0 मंत्री जी ने कहा कि पर्यटकों के गिनती के आंकड़े वास्तविक होने चाहिए।
पर्यटन मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटलों में इवी चार्जिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा उपलब्ध होटलों में पर्यटकों के ठहरने के लिए कक्षों की संख्या बढ़ाने की रणनीति बनाई जाए। बैठक में बताया गया कि अयोध्या, लखनऊ तथा मथुरा में सर्वाधिक निवेश प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यटन एक मजबूत ग्रोथ इंजन की तरह कार्य कर रहा है। इसके लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार, निजी निवेश बढ़ाने और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नई पर्यटन नीति प्रस्तावित की गई है। उसकों शीघ्र ही अंतिम रूप दे दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने डेलॉयट को निर्देशित किया कि कार्ययोजना के क्रियान्वयन की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने आगामी चार महीनों में कार्ययोजना के परिणाम जमीन पर उतारने का सुझाव दिया। अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने निर्देशित किया कि इस माह से आगामी 16 सप्ताह तक निवेश तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाये गये कदमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘‘देखो यूपी अभियान’’ के तहत प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाए। बैठक में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्र, विशेष सचिव एवं निदेशक श्री मृदुल चौधरी, एमडी उ0प्र0 पर्यटन विकास निगम आशीष कुमार, उपसचिव पर्यटन चन्दन रावत, पर्यटन सलाहकार जे0पी0 सिंह सहित डेलॉयट संस्था के कार्तिक, श्वेता एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।