
सूर्योदय भारत संचार सेवा, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सहारनपुर से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ कर प्रदेश में शत-प्रतिशत नामांकन के संकल्प को नई गति दी। मुख्यमंत्री के आह्वान के साथ ही उत्तर प्रदेश के लगभग 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ।
विद्यालय पहुंचे नन्हे विद्यार्थियों का रोली-चंदन का तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा, स्वागत गीतों और तालियों की गूंज के बीच आत्मीय अभिनंदन किया गया। प्रवेशोत्सव के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों के लिए विद्यालयों में उत्सव जैसा वातावरण तैयार किया गया, जिससे नए सत्र की शुरुआत उत्साह और आत्मीयता के साथ हो सके।

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, प्रेरक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने में शिक्षा की अहम भूमिका है और उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।
अभियान के दूसरे चरण में विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, उनका नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों की पुनर्वापसी तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य शिक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाते हुए यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा विद्यालय और शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। नए शैक्षिक सत्र के साथ शुरू हुआ यह अभियान उसी संकल्प को धरातल पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री के स्कूल अभियान के शुभारंभ के साथ ही सभी जनपदों के परिषदीय विद्यालयों में प्रवेशोत्सव आयोजित किए गए। शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से बच्चों का स्वागत किया गया। अनेक विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेरक गतिविधियां, पौधरोपण, पुस्तक वितरण और परिचय सत्र आयोजित किए गए, जिससे बच्चों का विद्यालय से भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो सके।

मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण में विशेष रूप से ऐसे बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। घर-घर संपर्क, अभिभावकों से संवाद और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय तक लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बेहतर अधिगम वातावरण सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
