
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने फायर जागरूकता सप्ताह के अवसर पर चिकित्सालयों, चिकित्सा संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अस्पतालों में ऑक्सीजन, विद्युत उपकरणों, दवाओं एवं ज्वलनशील पदार्थों के कारण अग्नि दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में नियमित फायर ऑडिट, अग्निशमन उपकरणों की जांच, विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण तथा कर्मचारियों का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
फेडरेशन ने कहा कि छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक चिकित्सालय एवं संस्थान में Fire Safety Drill, Emergency Exit Plan तथा प्राथमिक अग्निशमन प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए।
फार्मेसिस्ट फेडरेशन सदैव जन-जागरूकता, आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। वर्तमान समय में आग से सुरक्षा केवल संस्थानों की नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सुनील के. यादव चीफ फार्मेसिस्ट, चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश / पूर्व चेयरमैन, उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल ने बताया कि फेडरेशन ने आमजन से अपील की है कि वे विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग, गैस सिलेंडर की सावधानी, शॉर्ट सर्किट से बचाव तथा बच्चों को अग्नि सुरक्षा संबंधी जानकारी देने पर विशेष ध्यान दें।

“सतर्कता ही सुरक्षा है” — इसी संदेश के साथ फायर जागरूकता सप्ताह को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने का आह्वान किया गया।
