
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान खरीफ सीजन में फसलों की बुवाई व रोपाई हेतु किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए सरकार भारत सरकार के निरंतर संपर्क में रहकर आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
वर्तमान में प्रदेश में 15.66 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 5.28 लाख मीट्रिक टन डी०ए०पी०, 4.98 लाख मीट्रिक टन एन०पी०के०, 3.97 लाख मीट्रिक टन एस०एस०पी० एवं 1.14 लाख मीट्रिक टन एम०ओ०पी० उपलब्ध है। सहकारिता क्षेत्र में 6.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.89 लाख मीट्रिक टन डी०ए०पी० व 1.60 लाख मीट्रिक टन एन०पी०के० तथा निजी क्षेत्र में 9.61 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.39 लाख मीट्रिक टन डी०ए०पी० व 3.38 लाख मीट्रिक टन एन०पी०के० मौजूद है। वर्तमान में प्रतिदिन औसत 15,251 मीट्रिक टन यूरिया, 3,141 मीट्रिक टन डी०ए०पी० एवं 1,094 मीट्रिक टन एन०पी०के० की खपत किसानों द्वारा की जा रही है।
मण्डलवार उपलब्धता के तहत लखनऊ में सर्वाधिक 1,68,813 मीट्रिक टन यूरिया, 51,728 मीट्रिक टन डी०ए०पी० और 58,897 मीट्रिक टन एन०पी०के० उपलब्ध है। इसके अलावा बरेली में 1,34,275, कानपुर में 1,22,456 तथा प्रयागराज में 1,19,656 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक है। आगरा मण्डल में 40,046 मीट्रिक टन डी०ए०पी० और कानपुर में 62,009 मीट्रिक टन एन०पी०के० मौजूद है। सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद, झाँसी, चित्रकूट, वाराणसी, मिर्जापुर, आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन और अयोध्या मण्डलों के सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भी पर्याप्त खाद आरक्षित है।
सरकार ने किसानों से अपनी कृषित भूमि या बैनामा के अनुसार शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कराने का अनुरोध किया है ताकि फसलों की आवश्यकतानुसार सुगमतापूर्वक उर्वरक मिल सके। साथ ही आग्रह किया है कि आगामी फसलों के लिए पहले से उर्वरकों का अनावश्यक भण्डारण न करें, जिससे सभी किसानों को जरूरत के समय पर्याप्त खाद मिलती रहे।
उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, ओवर रेटिंग और टैगिंग रोकने के लिए प्रदेश में सतत निगरानी रखी जा रही है। 01 अप्रैल, 2026 से 30 जून, 2026 तक कुल 4,091 छापे मारे गए, जिनमें 75 नमूने ग्रहित किए गए, 85 लाइसेंस निलंबित व 30 निरस्त किए गए, 1 दुकान पर बिक्री प्रतिबंधित हुई, 460 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा 28 एफ०आई०आर० दर्ज की गई।
इस अवधि में दर्ज 28 एफ०आई०आर० के तहत गोण्डा और बस्ती में अनुदानित यूरिया का प्रयोग ‘डेफ’ में करने तथा अमरोहा में बिना प्राधिकार पत्र बिक्री पर कार्रवाई हुई। मुजफ्फरनगर और बाराबंकी में स्टॉक भिन्नता, अवैध डायवर्जन व सचिव द्वारा कालाबाजारी के मामले पकड़े गए। बुलन्दशहर में इफको यूरिया की तस्करी व फर्जी वितरण, बागपत में बोरी में कम वजन व हेराफेरी, शाहजहांपुर में अंतर्जनपदीय वितरण तथा सहारनपुर व सिद्धार्थनगर में पी०ओ०एस० मशीन स्टॉक में भिन्नता के कारण मुकदमे दर्ज हुए। महाराजगंज, कुशीनगर, बिजनौर, सम्भल, हापुड़, श्रावस्ती और एटा में भी यूरिया व डी०ए०पी० की तस्करी, अवैध भण्डारण तथा बिना चौहद्दी वाले गोदाम में स्टॉक रखने पर सख्त कार्रवाई की गई है।