
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) की वित्त एवं अवसंरचना समिति के अंतर्गत अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ द्वारा शुक्रवार को प्रबंधन अध्ययन विभाग में दो विशिष्ट कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।

“प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (TRL) एवं विनिर्माण तत्परता स्तर (MRL)” विषयक प्रथम कार्यशाला को वर्कोस ग्रुप के मुख्य नवाचार अधिकारी–एआई एवं उत्पाद विकास तथा सर्किटमास्टर एआई के संस्थापक शिवेंद्र सिंह चौहान ने संबोधित किया। उन्होंने किसी प्रौद्योगिकी को प्रारंभिक अवधारणा से सत्यापन, विनिर्माण और व्यावहारिक उपयोग तक ले जाने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।

“प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण, लाइसेंसिंग एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण” विषयक दूसरी कार्यशाला का संचालन सऊदी इलेक्ट्रॉनिक यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब के ई-कॉमर्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश सिंह ने किया। उन्होंने शोध के व्यावसायीकरण, बौद्धिक संपदा की लाइसेंसिंग तथा विश्वविद्यालयों में विकसित प्रौद्योगिकियों को उद्योग तक पहुंचाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यशालाओं का आयोजन प्रबंधन अध्ययन विभाग के प्रोफेसर प्रो. अमित कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया। प्रबंधन अध्ययन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमेश कुमार चतुर्वेदी कार्यक्रम के संयोजक रहे। इस अवसर पर बीबीएयू के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. शिशिर श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे और उन्होंने विशेषज्ञों तथा प्रतिभागियों से संवाद किया।

कार्यशालाओं में बीबीएयू के विभिन्न विभागों के साथ-साथ अन्य विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान शैक्षणिक शोध को व्यावहारिक उपयोग तथा व्यावसायिक रूप देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।