
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों और अन्य प्रदेशों के बौद्ध धर्मगुरू भन्ते बड़ी संख्या में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यक्रम में पधारे सभी भन्ते बौद्धधर्म गुरूओं का आभार प्रकट किया और बौद्ध भिक्षुओं को सम्मानित किया।
इस अवसर पर अखिलेश यादव ने भगवान बुद्ध के रास्ते पर चलकर जीवन में खुशहाली लाने के लिए बौद्ध भिक्षुओं द्वारा किये जा रहे कार्यों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार चढ़ाव परेशानियां, दुःख, संकट आता रहता है। ये सब सभी के जीवन में होता है। भारत की धरती पर समय-समय पर जो ज्ञान दिया गया है उसमें सबसे बड़ा योगदान भगवान बुद्ध का है। उन्होंने भारत के साथ ही दुनिया में अपना संदेश फैलाया। जो देश आज ऊंचाइयों पर है उन्होंने भी भगवान बुद्ध का रास्ता अपनाया। भगवान बुद्ध का सबसे बड़ा संदेश है। स्वयं के लिए दीपक बनें, अप्प दीपो भवः। इस संदेश ने समाज में परिवर्तन लाने का काम किया।

अखिलेश यादव ने बौद्ध भिक्षुओं से कहा कि यह संकट का समय है। बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के दिए हुए संविधान और लोकतंत्र को कुछ ताकतें लगातार खतरा पैदा कर रही है। हमें भरोसा है इस लड़ाई में हमारे सभी पूज्यनीय आदरणीय बौद्ध भिक्षु हम सबको आशीर्वाद देंगे और कामयाब होने की शुभकामना देंगे।
अखिलेश यादव ने बौद्ध भिक्षुओं को भरोसा दिलाया कि समाजवादी सरकार में लुम्बिनी, सारनाथ और कुशीनगर के विकास के लिए विशेष योजनाएं लाएंगे। जिससे भगवान बुद्ध के रास्ते पर चलने वाले बहुजन समाज को दुनिया से और जोड़ा जा सके।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में कुशीनगर में एक बहुत बड़ी मैत्रेय परियोजना शुरू की गयी थी। श्रीलंका और दुनिया के दूसरे हिस्से के लोग और बौद्ध भिक्षु उसमें योगदान देना चाहते थे, वे सब मिले थे। समाजवादी पार्टी सरकार में सही मुआवजा देकर किसानों को संतुष्ट कर जमीन ली गयी थी। अगर मैत्रेय योजना पूरी हो जाती है तो वह देश का महत्वपूर्ण स्थान बन जाता, वहां दुनिया भर से लोग आते है और भगवान बुद्ध के रास्ते पर चलने का संकल्प लेते।
भाजपा सरकार में वह योजना आधी-अधूरी रह गयी। इस सरकार ने उस परियोजना को आगे नहीं बढ़ने दिया, जो जमीन ली गयी थी उसे किसी और को बांट दिया। समाजवादी पार्टी की सरकार में दुनिया से जोड़ने के लिए कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार किया गया था जो लोग बेचने के लिए सिर्फ उद्घाटन करते है, वे अभी नहीं बेच पाये है।

यादव ने कहा कि कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय शहर भी बनेगा और अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट भी चलेगा। अखिलेश यादव ने बौद्ध भिक्षुओं के आशीर्वाद के लिए कृतज्ञता ज्ञापित की।
इससे पूर्व भंते अनिरूद्ध बौद्ध ने संघदान कार्यक्रम के लिए अखिलेश यादव को बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत बड़ा कार्यक्रम है। आज प्रदेश के सभी 75 जिले से और मध्य प्रदेश से भंते आए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने आज बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का जन्म जहां हुआ वह बुद्ध अर्थात ज्ञान की नगरी है। ज्ञान की नगरी से श्रद्धेय नेताजी मुलायम सिंह यादव द्वारा समाजवादी विचारधारा का आंदोलन चलाया। वह पूरे देश में दौड़ा। नेताजी और अखिलेश यादव ने शोषित, पीड़ित और बहुजनों की आवाज बुलंद की। भगवान बुद्ध ने महिलाओं के लिए जो काम किया था वही नेता जी ने किया। नेताजी को जब सरकार में मौका मिला तो उन्होंने नगर विकास ग्राम पंचायत, नगर पंचायत में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की। यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक काम है। ऐसे ही आने वाले समय में जब समय मिलेगा अखिलेश यादव जी भी करेंगे।

भंते अनिरूद्ध बौद्ध ने कहा कि 1931 की जनगणना के अनुसार देश में ओबीसी की आबादी 52 फीसदी है। 52 फीसदी आबादी वाले समाज की लोकसभा में जनसंख्या के आधार पर 543 में से सीटे 282 होती है। अगर अल्पसंख्यकों को जोड़ लिया जाय तो 44 है। अगर ऐसा हो तो बौद्धों, सिखो, इसाईयों को भी सम्मान मिलेगा। बौद्धों का अभी कोई सांसद नहीं है। जब हम लोग पीडीए को सत्ता में पहुंचाएंगे तो बहुत बड़ी क्रांति होगी। आने वाले 2027 में बहुत बड़ा परिवर्तन होगा।
भंते ने कहा कि भिक्षु लोग पीडीए पंचायत में जाएं, लोगों को समझाएं, बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं है। आरएसएस में बहन-बेटियों का सम्मान नहीं है। आरएसएस का एजेंडा बहन-बेटियों को अपमानित करने का रहा है। आरएसएस कभी महिलाओं के पक्ष में नहीं रहा। अभी महिला आरक्षण को लेकर आरएसएस झूठ फैला रहा है। हम गांव-गांव जाकर जनता को साथ बताएं। भाजपा आरएसएस के झूठ को बेनकाब करें।
अनिरुद्ध बौद्ध ने 31 मई 2026 से धम्म यात्रा निकालने की घोषणा करते हुए अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हम सभी को समाजवादी पार्टी को वोट देना है। साइकिल का बटन दबाना है।

प्रारम्भ में बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणम् गच्छामि के पाठ के साथ पंचशील की विवेचना में बताया गया कि इसमें संकल्प है कि विवाद नहीं करूंगा, किसी की हत्या नहीं करूंगा, चोरी नहीं करेंगे। कामाचार, दुराचार से विरत रहूंगा सबका जन्मदाता एक है, सभी एक प्रभु की संतान है, सत्य बोलेंगे, असत्य और चुगली करने से बचेंगे और किसी नशे का सेवन नहीं करेंगे। नशा नाश का कारण है। बुद्ध पूर्णिमा के इस आयोजन में आए भंतो तथा जनसामान्य के लिए गौतम रावत तथा सनी रावत द्वारा भंडारा आयोजित किया गया। जिसकी शुरुआत अखिलेश यादव ने किया।
अखिलेश यादव ने भंते लोगों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। भंते संघ दीप कुशीनगर ने भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा भेंट की।
बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती के साथ राजेन्द्र कुमार विधायक तथा समाजवादी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भारती कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समाजवादी पार्टी मुख्यालय में सर्वश्री भन्ते अनुरूद्ध बोधि सुजाना बुद्धविहार एण्ड ट्रेनिंग सेंटर कानपुर देहात, भन्ते प्रज्ञा ज्योति पता छतोरा बाराबंकी, भन्ते धम्मचन्द फूल लिई पता उयपुर कन्नौज, मिवकुणी धम्मविशाखा सीतापुर, भन्ते चन्दीप शैरी औरया/करहल मैनपुरी, राग भिता कारगगंज के कोटा, नपुच भत्र मदीप मयखनपुर करहल मैनपुरी, भूत जयवर्धन दीप इटावा जसवन्त नगर, भन्ते आना-दवधन लखनऊ, भन्ते शीलांकर कुर्मी बाराबंकी, धम्मप्रकाश, नागसेन, सिची ली सीतापुर, शील सागर सीतापुर, मंगल राम लखनऊ, नरहापुर सितार, विनय कीर्ती पकवा बाराबंकी, शीलरत्न शिवराजपुर लखनऊ, शीलसागर बारावंकी, संघशील बाराबंकी, भन्ते ज्ञान ज्योति भदोही, भन्ते हर्ष बर्धन सोनभद्र, भन्ते करुणा शील मिर्जापुर, भन्ते धम्म पाल रामबरेली, भन्ते शील वचन गाजीपुर, भन्ते बुद्ध वंश मुजफ्फरखान, भन्ते नाग हौक बल मिर्जापुर, भन्ते महाकाल मिर्जापुर, भन्ते दीप ज्योति वाराणसी, भन्ते शीलपाल बलिया, भन्ते धम्मपाल बलिया, भन्ते धम्म्म वंश अमेठी, मिबंकुणी प्रशीला, बरेली भन्ते धम्मदीप, बरेली भन्ते धर्मदीप, बरेली भन्ते प्रज्ञादीप, भन्ते शान्तीनमा लखीमपुरखीरी, भन्ते बुद्धकीर्ति बाराबंकी, भन्ते पैसादीप लखीमपुरखीरी, प्रियशील बदायू, संघ मिश्रा इटावा, भन्ते नगल रतन सीतापुर सतापुर, भन्ते सूर्य बोधि साँधी झाँसी, भन्ते गौरव बोधि झाँसी, भन्ते सिद्धार्थ बोधि झाँसी, आरद्धा बोधि, भिककुणी बुद्ध शीला सीतापुर, अनुजोल रतन सीतापुर, भन्ते करुणा सागर, भन्ते धम्मप्रिय्म, भन्ते जितेन्द्र वर्धन रायबरेली, भन्ते धम्मपाल पाल रायबरेली, धम्मपाल मैनपुरी, राष्ट्रपाल हरदोई, करुनाकर सन्दोली, आनन्द सोनभद्र, नागसेन, धम्म चिंतक मुरादाबाद, संघरत्न उन्नाव, रतन दीप औरैया, की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा सर्वश्री सत्य प्रकाश सोनकर प्रमुख महासचिव, राकेश रंजन महासचिव, राजेश सरोज उपाध्यक्ष, विष्णु गौतम उपाध्यक्ष, डॉ. रघुवीर चौधरी उपाध्यक्ष, सतेन्द्र कुमार पानू उपाध्यक्ष, रामबाबू सुदर्शन, रणवीर सिंह, महावीर सिंह जाटव, रवीन्द्र यादव मेराज अहमद, शनि रावत, ममता रावत, सुमन भार्गव, राजू पासी, लता सागर देवकली प्रसाद रावत, राकेश रंजन, राजेश सरोज, विष्णु गौतम ,
किरण वर्मा, डॉ रघुवीर चौधरी, सत्येंद्र कुमार पाण्डु, रणवीर सिंह, सतीश गौतम, महावीर सिंह जाटव, मेराज अहमद, श्रवण पटेल, सचिन कोरी, योगेंद्र आर्य, आरके प्रसाद, सनी रावत, ममता रावत, रामबाबू भारती, जितेंद्र रावत, विजेंद्र भारती, सुमन भार्गव, पूनम चंद्र, उत्कर्ष पटेल, संतोष रावत, राजू पासी, राममूर्ति चौरसिया, मोहम्मद आफताब आलम, बिहारी लाल यादव, महेंद्र यादव, विशाल कुमार, सूबेदार पासी, अनिरुद्ध यादव, अनुज पाल, देवेंद्र कुमार सोरिखिया, राजा बाला रावत भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
