उत्तर प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं, किसानों को समय पर मिल रहे खाद और बीज : सूर्य प्रताप शाही

अशोक यादव, लखनऊ : प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर बीज, उर्वरक और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। वैश्विक परिस्थितियों, कम वर्षा तथा अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है।

मंत्री शाही ने बताया कि वर्ष 2026 में खरीफ फसलों के लिए लगभग 107 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक लगभग 95 प्रतिशत आच्छादन पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम वर्षा होने के बावजूद कृषि विभाग, सिंचाई विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्रों के समन्वित प्रयासों से किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी गई।

उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में प्रदेश के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर 1,73,641 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराया गया है। साथ ही दलहन, तिलहन, बाजरा एवं सावा जैसी फसलों के 16,449 क्विंटल निःशुल्क मिनीकिट लगभग 6.13 लाख किसानों को वितरित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 1,23,379 क्विंटल बीज अनुदान पर किसानों को उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश में दलहन, मूंगफली, सोयाबीन एवं तिलहन की खेती के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्षा सामान्य से काफी कम हुई है, वहां किसानों को राहत देने के लिए तोरिया बीज मिनीकिट योजना शुरू की गई है। इसके तहत 1,000 क्विंटल तोरिया बीज उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें 600 क्विंटल निःशुल्क मिनीकिट तथा 400 क्विंटल अनुदान पर वितरित किए जाएंगे। इसके लिए पोर्टल खोल दिया गया है और पात्र किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। रबी सीजन के लिए भी प्रमाणित बीजों की अग्रिम बुकिंग शुरू कर दी गई है ताकि किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराया जा सके।

कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग भी प्रारंभ कर दी गई है। फार्म मशीन बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर तथा कृषि यंत्रों पर किसानों को 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस वर्ष 25,900 कृषि यंत्र किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक 41 हजार से अधिक किसानों ने ऑनलाइन बुकिंग कराई है।

उर्वरक उपलब्धता पर विस्तार से जानकारी देते हुए शाही ने कहा कि 1 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश को 57.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हुआ, जिसमें से 28.88 लाख मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है तथा 28.82 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है। उपलब्ध स्टॉक में लगभग 14.52 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.81 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.91 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.47 लाख मीट्रिक टन एसएसपी तथा 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी शामिल है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रदेश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि जुलाई माह में सहकारी क्षेत्र ने 3.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया तथा 1.07 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीएपी का वितरण किया है। प्रदेश में पहले जहां लगभग 1,500 सहकारी समितियां उर्वरक वितरण करती थीं, वहीं योगी सरकार ने इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए लगभग 7,000 साधन सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक उर्वरक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। इन समितियों में भी पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है।

मंत्री शाही ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट और आपूर्ति बाधाओं के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की। भारत सरकार के प्रयासों से आवश्यक उर्वरक समय पर प्रदेश पहुंचे, जिससे किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में प्रतिदिन रिकॉर्ड स्तर पर उर्वरकों की बिक्री हुई है। कई दिनों में प्रतिदिन 50 हजार से 65 हजार मीट्रिक टन तक यूरिया का वितरण हुआ, जो किसानों तक सुचारु आपूर्ति का प्रमाण है। सभी बिक्री पीओएस मशीनों के माध्यम से की गई है, जिससे प्रत्येक किसान का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है।

कृषि मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले उर्वरकों की मात्रा पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है और प्रदेश सरकार किसानों की प्रत्येक आवश्यकता को समय पर पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

Related Articles

Back to top button