कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, आम जनता के शोषण और लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई : केशव प्रसाद मौर्य

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार लखनऊ स्थित विधान भवन के सभागार में आगामी मानसून सत्र-2026 के सुचारु एवं शांतिपूर्ण संचालन को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक (लॉजिस्टिक्स) संजीव गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक (मानवाधिकार) राज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था हर हाल में सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद एवं प्रभावी बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन सभी का अधिकार है, इसलिए आंदोलनकारी छात्रों के साथ अनावश्यक कठोरता या उत्पीड़न न किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि छात्र आंदोलनों की आड़ लेकर कानून-व्यवस्था भंग करने अथवा आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में भविष्य में अलीगंज जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई एवं खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र पर विशेष सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अग्रिम रणनीति अपनाई जाए। एनओसी (अनापत्ति प्रमाण-पत्र) के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न या शोषण न होने पाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। ऐसे मामलों में कानून के अनुरूप कठोर एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित एजेंसियां समन्वय स्थापित कर सतत निगरानी रखें।

कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने व्यापक सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुचारु, सुविधायुक्त एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि साइबर ठगी में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साइबर थाना एवं तकनीकी इकाइयों को और अधिक सशक्त बनाते हुए पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने अथवा भ्रामक सूचना प्रसारित करने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।

उप मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन यातायात चालानों के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अत्यधिक अथवा अनुचित चालान की स्थिति से आमजन में शोषण अथवा असंतोष की भावना उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन की कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी, न्यायसंगत एवं जनहित को ध्यान में रखकर की जाए।

बैठक में अयोध्या प्रकरण की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रकरण की गहन एवं निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जांच में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

अंत में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून का राज स्थापित करने, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराध एवं अराजकता के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति पर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि प्रदेश में शांति, सुरक्षा एवं जनविश्वास निरंतर सुदृढ़ बना रहे।

Related Articles

Back to top button