बीबीएयू में उत्साह एवं खेल भावना के साथ मनाया गया राष्ट्रीय खेल दिवस

अशोक यादव।, लखनऊ : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 उत्साह एवं खेल भावना के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के खेल अनुभाग द्वारा 27 से 29 अगस्त 2026 तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना एवं खेल भावना को बढ़ावा देना था।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने विश्वविद्यालय परिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली के विकास में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के अंतर्गत 27 अगस्त 2026 को बीबीएयू वॉलीबॉल टीम एवं एएनसीयूबी (ANCUB) के बीच वॉलीबॉल मैच का आयोजन किया गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और मैच में शानदार प्रतिस्पर्धात्मक खेल भावना देखने को मिली।
28 अगस्त 2026 को टेबल टेनिस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, दृढ़ संकल्प एवं खेल कौशल का प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह का समापन 29 अगस्त 2026 को प्रातः 6:30 बजे फिट इंडिया मूवमेंट श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने एकत्र होकर हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय खेलों में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया मूवमेंट के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए शारीरिक फिटनेस, सक्रिय जीवनशैली एवं स्वस्थ जीवन को अपनाने का संदेश दिया।

तीन दिवसीय राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह ने विश्वविद्यालय समुदाय के सदस्यों को खेल एवं शारीरिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इन आयोजनों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के बीच फिटनेस, खेल उत्कृष्टता, अनुशासन एवं समग्र व्यक्तित्व विकास की संस्कृति को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ किया।

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