
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : डा. अम्बेडकर राष्ट्रीय एकता मंच की प्रदेश कार्यकारिणी की उच्चस्तरीय बैठक रविवार को उद्यान भवन, हजरतगंज में भव्य रूप से संपन्न हुई। बैठक में संगठन को जिला, ब्लॉक व गांव स्तर तक मजबूत बनाने, सामाजिक न्याय की रक्षा करने तथा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के ज्वलंत विधिक मुद्दों पर कड़ा संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
५५ जनपदों के प्रतिनिधियों की गरिमापूर्ण सहभागिता
बैठक की शुरुआत मंच के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर द्वारा कराई गई बुद्ध वंदना से हुई। इस महाबैठक में उत्तर प्रदेश के 55 जनपदों (जिनमें आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, कानपुर और नोएडा शामिल हैं) के पदाधिकारियों ने मुस्तैदी से हिस्सा लिया। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष भवन नाथ पासवान ने संगठन के विधिक विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि बाबासाहेब के सिद्धांतों और संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता व बंधुत्व के मूल्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही मंच का मुख्य ध्येय है ।

भर्ती परीक्षाओं और चुनावी पारदर्शिता पर उठाए विधिक सवाल
मंच ने प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाले अनावश्यक विधिक विलंभ, पेपर लीक और बेरोजगारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की इसके साथ ही निर्वाचन आयोग से वोटर लिस्ट पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने की मांग की गई। बैठक में राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एस. पी. सिंह, मोहम्मद हनीफ खान, प्रदेश सचिव सुरेंद्र कुमार दादू, उत्तर प्रदेश प्रभारी राम सिंह, भारत वीर (पश्चिमी यूपी प्रभारी), आदित्य वर्मा (अवध प्रभारी), राकेश चंद्र राना (पूर्वांचल प्रभारी) तथा गीता गुप्ता, बाल किशन सरोज, सरवन सरोज, राजन पासी, बालक राम व अमर नाथ सहित भारी संख्या में प्रशासनिक व सामाजिक विधिक कप्तानों ने शिरकत की। राष्ट्रीय कार्यालय सचिव उदय भईया जी के अनुसार, संगठन शोषितों और वंचितों के विधिक हक के लिए लोकतांत्रिक मार्ग पर अनवरत संघर्ष जारी रखेगा।
