निरंतर प्रचार-प्रसार से बढ़ रहा हिंदी का वैश्विक प्रभाव; ‘मंजुश्री’ की विचार गोष्ठी में युवाओं को जोड़ने पर जोर

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : हिंदी के प्रचार-प्रसार, उन्नति और उसके व्यापक प्रयोग को लेकर ‘मंजुश्री’ लखनऊ द्वारा एक विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के विशेष सहयोग से आयोजित इस गोष्ठी में वक्ताओं ने हिंदी को युवा पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए योजनाबद्ध प्रयासों पर बल दिया।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संजीव जायसवाल ‘संजय’ ने कहा कि हिंदी देश भर में सबसे व्यापक रूप से बोली और समझी जाने वाली भाषा के रूप में उभरी है। पर्यटन के बढ़ते प्रभाव के कारण अब अहिंदी भाषी क्षेत्रों में भी स्थानीय लोगों के बीच हिंदी बोलने का चलन तेजी से बढ़ा है।

मंजुश्री के निदेशक शैलेश श्रीवास्तव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) में ऑनलाइन अध्ययन के दौरान हिंदी का प्रयोग कम हो रहा है, जिसे सुधारने के लिए नई तकनीकों के समावेश की आवश्यकता है। प्रभारी संपादक दिनेश कुमार गुप्ता ने हिंदी को लेकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। गोष्ठी का संचालन अजय मिश्र ‘अजय’ ने किया, जबकि श्रुति जायसवाल ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में सचिव विवेक कुमार शुक्ला और उपाध्यक्ष प्रमोद अग्निहोत्री सहित असंख्य साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

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