खाद्य पदार्थों में मिलावटी रंगों के खिलाफ एफएसडीए सख्त; रोशन जैकब के निर्देश पर रोडामाइन-बी पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों को आकर्षक रूप देने के लिए रासायनिक और गैर-खाद्य रंगों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक बड़ा विधिक कदम उठाया है। आयुक्त (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) डॉ. रोशन जैकब ने प्रदेश भर के खाद्य कारोबारियों, हलवाइयों, होटल व रेस्टोरेंट संचालकों तथा स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए विस्तृत और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कपड़ा रंगने वाले घातक रासायनिक रंग रोडामाइन-बी सहित सभी गैर-खाद्य कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

चटनी, कॉटन कैंडी और कबाब में कृत्रिम रंगों पर रोक; प्राकृतिक विकल्पों की सलाह

जारी निर्देशों के अनुसार, समोसे, चाट व मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनी में प्रतिबंधित रंग मिलाने के बजाय टमाटर, चुकंदर, धनिया और पुदीना जैसे प्राकृतिक विकल्पों का उपयोग करना होगा। कॉटन कैंडी (बुढ़िया के बाल) और बर्फ के गोलों में रोडामाइन-बी के उपयोग पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसी तरह चिकन टिक्का, कबाब व चाप जैसे तंदूरी व्यंजनों को लाल करने के लिए कश्मीरी लाल मिर्च या देगी मिर्च का उपयोग करने की विधिक हिदायत दी गई है। मिठाई, बूंदी के लड्डू व कन्फेक्शनरी में अनुमन्य कृत्रिम रंगों की अधिकतम सीमा 100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तय की गई है, जिसे मापने के लिए अब चम्मच या चुटकी के बजाय डिजिटल वेइंग स्केल (मापन मशीन) का उपयोग अनिवार्य होगा।

दूध, फल, ब्रेड और मसालों में रंग मिलाना पूरी तरह वर्जित; बिल रखना अनिवार्य

एफएसडीए के दिशा-निर्देशों के मुताबिक कच्चा व पाश्चुरीकृत दूध, मलाई, पनीर, ताजे फल, सब्जियां, शिशु आहार, पैकेज्ड पेयजल, पिसे हुए मसाले, दाल, आटा, सूजी, सादी ब्रेड, खाद्य तेल, गुड़ और शहद जैसी आवश्यक वस्तुओं में किसी भी प्रकार का रंग मिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। मेटानिल येलो, बटर येलो, मैलाकाइट ग्रीन और सूडान डाइज जैसे औद्योगिक रंगों के सेवन से यकृत (लिवर) व गुर्दे (किडनी) को गंभीर क्षति पहुँचती है। अतः सभी कारोबारियों को पंसारी की दुकान से खुले रंग खरीदने के बजाय केवल अधिकृत स्रोतों से ही लेबल वाले रंग खरीदने के विधिक निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु खरीद के बिल, इनवॉइस और बैच नंबर का मुस्तैद रिकॉर्ड रखना अनिवार्य कर दिया गया है। व्यापार मंडलों तथा ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ (FSW) के माध्यम से इन नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।

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