गोरखपुर – फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन की मतगणना में धांधली का आरोप, राजीव यादव ने की पुनर्मतदान की मांग

राजीव यादव ने राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजा शिकायती पत्र; चौथे चक्र की मतगणना पर उठाए गंभीर सवाल

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, गोरखपुर : गोरखपुर–फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में गंभीर अनियमितताओं और धांधली का आरोप लगाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने चुनाव निरस्त कर पुनर्मतदान कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को विस्तृत शिकायती पत्र भेजकर पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

राजीव यादव के अनुसार, 27 अक्टूबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना के पहले चक्र से ही अनियमितताएं की गईं। उनका आरोप है कि मतगणना के दौरान उनके पक्ष के लगभग 2800 विवादित मतपत्रों को निर्वाचन अधिकारी (आरओ) ने अवैध घोषित कर दिया, जबकि उसी तरह के भाजपा प्रत्याशी के मतपत्रों को वैध माना गया।

शिकायती पत्र में बूथ संख्या 115, नगर पालिका परिषद मऊनाथ भंजन की मतपेटी में पीठासीन अधिकारी द्वारा दर्ज मतों से 52 अधिक मत मिलने का आरोप लगाया गया है। वहीं बूथ संख्या 111, क्षेत्र पंचायत बड़गांव की मतपेटी की पेपर सील टूटी होने तथा बूथ संख्या 86, क्षेत्र पंचायत बनकटा की मतपेटी में पेपर सील नहीं लगे होने की बात भी कही गई है।

चौथे चक्र की मतगणना पर सबसे बड़ा सवाल

राजीव यादव ने चौथे चक्र की मतगणना को सबसे अधिक संदिग्ध बताते हुए कहा कि इस चक्र में कुल 1612 मतों की गणना हुई। उनके द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा प्रत्याशी बृज कुमार त्रिपाठी को इस चक्र में 927 मत (57.50 प्रतिशत) मिले, जबकि राजीव यादव को मात्र 128 मत (7.94 प्रतिशत) प्राप्त हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि चौथे चक्र में मतपत्रों पर प्रथम वरीयता के मतों में बदलाव कर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में दर्ज किए जाने की आशंका है। इस संबंध में प्रत्याशियों ने मतगणना रोकने, सीसीटीवी फुटेज दिखाने और जांच कराने की लिखित मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

उन्होंने मतगणना अभिकर्ताओं को पुलिस द्वारा डराने-धमकाने, मतगणना स्थल से बाहर करने का प्रयास करने और मतगणना के दौरान पारदर्शिता नहीं बरतने के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि चौथे चक्र के बाद सभी प्रत्याशियों ने मतगणना का बहिष्कार किया, इसके बावजूद अधिकारियों ने बिना अभिकर्ताओं की मौजूदगी में परिणाम घोषित करने का दबाव बनाया।

स्वतंत्र जांच और फॉरेंसिक परीक्षण की मांग

शिकायत में मतगणना की पूरी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और गिने गए मतपत्रों को सुरक्षित रखने, स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने तथा चौथे चक्र के सभी 1612 मतपत्रों और प्रत्याशी अजय सिंह के प्रथम वरीयता वाले मतपत्रों की फॉरेंसिक एवं हस्तलेख विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग की गई है।

राजीव यादव ने कहा है कि आरोपों की पुष्टि होने पर चुनाव निरस्त कर पुनर्मतदान कराया जाए तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने बताया कि उन्हें मात्र 267 मतों से पराजित घोषित किया गया है। उनका कहना है कि शिक्षकों ने उन पर विश्वास जताया था, लेकिन मतगणना में कथित गड़बड़ियों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति उनका विश्वास प्रभावित हुआ है।

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