
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जम्मू : कश्मीर के सेब उत्पादकों और फल व्यापारियों को सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में 29 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर स्थित निदेशक, उद्यानिकी योजना एवं विपणन के कार्यालय में रेलवे, बागवानी विभाग और कार्गो एग्रीगेटर्स की संयुक्त बैठक हुई। इसमें सेब और अन्य बागवानी उत्पादों को रेलमार्ग से देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा की गई।
बैठक में जम्मू मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित रेलवे के अधिकारी, परिमपोरा, बांदीपोरा और अनंतनाग के बागवानी एवं विपणन अधिकारी तथा कार्गो एग्रीगेटर्स शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर फल परिवहन को सुगम बनाना और व्यापारियों की लागत कम करना था।
बैठक में रेलवे ने व्यापारियों के लिए प्रस्तावित रियायती व्यवस्था की जानकारी दी। इसके तहत जेपीपी-आरसीएस ट्रेनों में दोनों दिशाओं के लिए पार्सल कोच की अग्रिम बुकिंग कराने वाले एग्रीगेटर, व्यापारी या लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता को आने-जाने का कुल किराया सामान्य एकतरफा भाड़े का 1.5 गुना देना होगा। यानी वापसी यात्रा के लिए सामान्य दर की तुलना में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।
इस व्यवस्था के अंतर्गत बुकिंग और भुगतान की प्रक्रिया मूल स्टेशन पर ही एक बार में पूरी की जा सकेगी। इससे व्यापारियों को बार-बार औपचारिकताएं पूरी करने से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।

बैठक में प्रस्ताव की व्यावसायिक व्यवहार्यता, माल ढुलाई शुल्क, कार्गो हैंडलिंग, ट्रेन समय-सारिणी तथा सामान के संग्रह और वितरण की सुविधाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने प्रस्ताव पर सकारात्मक सहमति जताई और इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रेलवे तथा कार्गो एग्रीगेटर्स के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया।
रेलवे ने फल उत्पादकों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। इस पहल से कश्मीरी सेब कारोबारियों को परिवहन लागत घटाने और रेल नेटवर्क के माध्यम से व्यापक बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। योजना के अगले चरण की जानकारी संबंधित हितधारकों को दी जाएगी।