
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के सभी मंडलों में दीपावली मेले आयोजित करेगी। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की इस पहल के तहत दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा।
प्रमुख सचिव, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में पिछले माह हुई बैठक में प्राप्त प्रस्तावों पर विचार के बाद यह निर्णय लिया गया। योजना के अंतर्गत लखनऊ मंडल को छोड़कर प्रदेश के प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर दीपावली मेले के आयोजन के लिए तीन लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। वहीं, लखनऊ मंडल में मेले के आयोजन के लिए सात लाख रुपये का बजट तय किया गया है।
विभाग ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों और जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को अपने-अपने मंडलों एवं जनपदों में मेले आयोजित कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, जिन मंडलों और जनपदों से आयोजन के प्रस्ताव अभी प्राप्त नहीं हुए हैं, उनसे प्रस्ताव जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इन मेलों में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार विभिन्न सामग्रियों को प्रदर्शित करने और उनकी बिक्री की व्यवस्था की जाएगी। इससे उनके उत्पादों को संभावित खरीदारों तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर बाजार विकसित करने में मदद मिलेगी।
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के कौशल, रचनात्मकता और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना है। विभाग का मानना है कि ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजन अपने उत्पादों के माध्यम से आय अर्जित करने के नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार के अवसर पर इन मेलों के आयोजन से दिव्यांग कारीगरों और उत्पाद निर्माताओं को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर मिलेगा। यह पहल उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और समाज की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।