ग्रामोदय विश्वविद्यालय में नानाजी देशमुख की जयंती पर दीपोत्सव; साथ ही छात्रों ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट: महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में रविवार शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर संस्थापक कुलाधिपति, भारतरत्न, राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की जयंती अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे एवं कुलसचिव प्रो. आञ्जनेय पांडेय के नेतृत्व में समस्त शिक्षक प्रहरियों व छात्र-छात्राओं ने नानाजी के साधना स्थल ‘सियाराम कुटीर’ और दीनदयाल परिसर स्थित उद्यमिता विद्यापीठ पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ग्रामीण स्वावलंबन के मार्ग पर चलने का कड़ा संकल्प लिया।

कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे के नेतृत्व में छात्रों ने सुना ‘मन की बात’ का प्रसारण
जयंती समारोह के पावन अवसर पर कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे की गरिमामयी उपस्थिति में विश्वविद्यालय के संकाय प्रमुखों और विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी को अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में लाइव देखा और सुना। प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में ‘मन की बात’ यात्रा के 12 सफल वर्ष पूरे होने पर इसे जनशक्ति की आराधना की ‘तीर्थ यात्रा’ बताया। उन्होंने बिहार के मखाने के यूरोपीय बाजारों (ग्रीस) तक पहुंचने की विस्मयकारी विधिक सफलता तथा उत्तराखंड की ‘हेवल नदी’ के पुनरुद्धार हेतु चलाए जा रहे जन-आंदोलन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

डॉ. उमेश शुक्ला ने पराली प्रबंधन व प्राकृतिक खेती के नवाचारों पर की चर्चा
प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उमेश कुमार शुक्ला ने विचार व्यक्त किए। कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘लोकल से ग्लोबल’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ का दिया गया संदेश वास्तव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के ग्रामीण पुनरुत्थान के सिद्धांतों से सीधे मेल खाता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद जी की 150वीं जयंती तथा अपकमिंग दीपोत्सव व छठ महापर्व के संदर्भों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से प्राकृतिक खेती व तकनीकी नवाचारों को अपनाने की पुरज़ोर अपील की।

Related Articles

Back to top button