‘शाम-ए-ग़ज़ल’ में रजब अली भारती ने दी सुरमयी श्रद्धांजलि; गंगानगर के लाल पद्मभूषण जगजीतसिंह को किया याद

भीम प्रकाश शर्मा, श्रीगंगानगर : राष्ट्रीय कला मंदिर द्वारा श्रीगंगानगर की पावन माटी में जन्मे, पले और पढ़े पद्मभूषण स्वर्गीय जगजीतसिंह की पुण्यतिथि पर एक भव्य सुरमयी श्रद्धांजलि सभा ‘शाम-ए-ग़ज़ल’ का आयोजन किया गया। चौधरी रामजस सहारण सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के प्रख्यात गायक रजब अली भारती ने ग़ज़ल सम्राट जगजीतसिंह की अमर ग़ज़लों, नज़्मों और पंजाबी गीतों की लगातार डेढ़ घंटे तक मंत्रमुग्ध कर देने वाली लाइव विधिक प्रस्तुति दी।

अमर ग़ज़लों की स्वरलहरी से भावविभोर हुए श्रोता
गायक रजब अली भारती ने अपनी मखमली आवाज़ में ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया’, ‘होठों से छू लो तुम’, ‘होशवालों को खबर क्या’, ‘ये दौलत भी ले लो’, ‘चिट्ठी ना कोई संदेश’ तथा प्रसिद्ध पंजाबी गीत ‘चुले अग्ग न घड़े दे विच पाणी’ सहित दर्जनों कालजयी रचनाएं गाकर श्रोताओं की आँखों को नम कर दिया। राष्ट्रीय कला मंदिर के अध्यक्ष वीरेंद्र बैद ने बताया कि जगजीतसिंह की किशोरावस्था की गायन प्रतिभा को सबसे पहले इसी विधिक संस्था ने पहचान कर मंच दिया था, जिसके चलते संस्थान हर वर्ष उन्हें विधिक स्वैच्छिक श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

संगत कलाकारों की जुगलबंदी ने बांधा समां; ये अतिथि रहे मुस्तैद
इस संगीत यात्रा के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध समाजसेवी रवि गोल्याण और विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुभाष चौधरी ने कलाकारों का विधिक उत्साहवर्धन किया। उन्होंने मंच पर संगत देने वाले दिग्गज कलाकारों— तबले व ढोलक पर रिदम गुरु सुनील मौर्य, की-पैड पर कुलदीप अरोड़ा, आर्गन पर पंकज पाहवा तथा लुभानु की जुगलबंदी की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अविस्मरणीय शाम का सफल विधिक संचालन सुप्रसिद्ध कवियत्री रितु सिंह और रंगकर्मी निल्यकांत छाबड़ा ने संयुक्त रूप से किया, जहाँ संगीत जगत के सैकड़ों कद्रदान मुस्तैदी से उपस्थित रहे।

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