ग्राम्य विकास विभाग में क्षमता संवर्धन कार्यशाला; कर्मियों को मिला प्रशासनिक व विधिक प्रशिक्षण

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशासनिक व विधिक दक्षता बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सेवा नियमों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा वित्तीय प्रक्रियाओं में त्रुटिहीन कार्य निष्पादन के लिए समय-समय पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएं।

जवाहर भवन में आयोजित हुई एक दिवसीय विधिक कार्यशाला
उपमुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुक्रम में जवाहर भवन स्थित आयुक्त कार्यालय के दसवें तल के सभागार में एक दिवसीय स्थापना संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विधिक कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवा संबंधी नियमों, अनुशासनात्मक कार्यवाहियों और कोर्ट केसों के त्वरित व निष्पक्ष निस्तारण की व्यावहारिक समझ विकसित करना रहा।

विशेषज्ञों ने सिखाए प्रति शपथ-पत्र और सेवा नियमों के गुर
प्रशिक्षण के प्रथम तकनीकी सत्र में सेवानिवृत्त विशेष सचिव डी.पी. सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के तहत न्यायालयों में लंबित वादों हेतु प्रति शपथ पत्र, प्रत्युत्तर शपथ पत्र, कैविएट और अनुपालन शपथ पत्र तैयार करने की विधिक बारीकियों से अवगत कराया। इसके बाद सेवानिवृत्त अपर निदेशक नरेन्द्र भूषण ने अभिलेखों के व्यवस्थित रखरखाव व वित्तीय प्रबंधन पर मार्गदर्शन दिया। अंतिम सत्र में सेवानिवृत्त लेखा परीक्षा अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने यात्रा भत्ता, वेतन और पेंशन निर्धारण की विधिक प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी कप्तानों की रही मुस्तैद उपस्थिति
कार्यशाला के सफल आयोजन में अपर आयुक्त सुश्री नेहा बन्धु (वीबी-जी राम जी), संयुक्त आयुक्त प्रशासन जंग बहादुर यादव, उपायुक्त ग्राम्य विकास राकेश रंजन तथा दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के उपनिदेशक अनुज श्रीवास्तव ने सक्रिय प्रशासनिक भूमिका निभाई। इस अवसर पर वरिष्ठ सलाहकार रमेश चन्द्र शुक्ला, सहायक निदेशक व सत्र निदेशक डॉ. राज किशोर, डॉ. शिव बचन यादव, धर्मेन्द्र कुमार, डॉ. अलका शर्मा तथा इंजीनियर मोहित यादव सहित संस्थान के कई संकाय सदस्य और सैकड़ों विभागीय कर्मचारी मुस्तैदी से उपस्थित रहे। अंत में उपनिदेशक अनुज श्रीवास्तव ने सभी विषय विशेषज्ञों के प्रति विधिक आभार व्यक्त किया।

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