
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : एकात्म मानववाद के चिन्तक पं. दीनदयाल उपाध्याय, समग्र क्रांति के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की पावन स्मृतियों को नमन करते हुए दीनदयाल शोध संस्थान (डीआरआई) द्वारा आयोजित 12 दिवसीय “ग्रामोदय पखवाड़ा” का भव्य समापन किया गया। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती (25 सितंबर) से शुरू हुआ यह रचनात्मक जन-आँदोलन नानाजी देशमुख एवं जयप्रकाश नारायण जी की जयंती (11 अक्टूबर) पर हर्षोल्लास के साथ विधिक रूप से संपन्न हुआ।
सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा और विशाल भंडारे का आयोजन
जयंती के पावन अवसर पर संस्थान के विभिन्न प्रकल्पों के साथ-साथ सभी ग्रामीण स्वावलंबन केंद्रों में सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सघन पाठ किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं के बीच खीर व मिष्ठान का वितरण हुआ तथा कई केंद्रों पर विशाल भंडारा प्रसादी का भी मुस्तैद आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि कैसे नानाजी देशमुख ने चित्रकूट की पावन धरती पर सामूहिक भगीरथ प्रयासों से ग्रामीण समाज में एक नई चेतना और स्वावलंबन का संचार किया था।
गांव-गांव तक पहुंची स्वच्छता, नशामुक्ति और जल संरक्षण की अलख
पिछले 17 दिनों से अनवरत जारी इस पखवाड़े के अंतर्गत डीआरआई के सभी प्रकल्पों के माध्यम से ग्रामीण आबादियों तक स्वच्छता, तंबाकू व नशामुक्ति, जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण पर वृहद् जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत समाज शिल्पी दंपति कार्यकर्ताओं ने सामूहिक श्रमसाधना के जरिए गांव-गांव में पेयजल स्रोतों, श्रद्धास्थलों और सामुदायिक भवनों की डीप क्लीनिंग की। आरोग्यधाम के कार्यकर्ताओं द्वारा ग्रामीणों को औषधीय पौधों की उपयोगिता की विधिक जानकारी दी गई तथा क्षमता संवर्धन हेतु व्यावहारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।

इस गरिमापूर्ण समापन समारोह में दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, प्रधान सचिव निखिल मुंडले तथा केन्द्रीय कार्यालय दिल्ली के कोषाध्यक्ष वसंत पंडित विशेष रूप से सम्मिलित हुए और कार्यकर्ताओं का विधिक मार्गदर्शन किया।