
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संगीत नाटक अकादमी परिसर में आयोजित नौवें पूर्वांचल माटी महोत्सव एवं सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि माटी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति, संस्कारों, विचारधारा और सामूहिक पहचान की संवाहक है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।

उत्तर प्रदेश की समृद्ध माटी ने दिए अनेक महापुरुष
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश और विशेषकर पूर्वांचल की माटी में आध्यात्मिक चेतना और गौरवशाली इतिहास समाहित है । काशी की ज्ञान परंपरा और लोककलाओं की मिठास इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने देश-दुनिया में रह रहे प्रवासियों से अपनी जन्मभूमि को सदैव याद रखने और अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि ऐसे महोत्सव भावी पीढ़ी को आधुनिकता के साथ अपने पारंपरिक मूल्यों को आत्मसात करने की विधिक प्रेरणा देते हैं।

कवियों का हुआ सम्मान; केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी सहित कई दिग्गज रहे उपस्थित
समारोह के दौरान समाज और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रख्यात कवियों— प्रशांत पांडे, राजकुमार सिंह, अशोक टाकरी, आलोक अनिल, पंकज प्रसून, सतेन्द्र कुमार कुंतल, हसन काज़मी तथा बृजनाथ यादव को आधिकारिक रूप से सम्मानित किया गया।

इस गरिमापूर्ण उत्सव में केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महोत्सव के मुख्य संयोजक आसिफ आज़मी, ज्ञान प्रकाश सिंह तथा भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी मुस्तैदी से उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश, आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, बनारस रॉयल फैमिली के प्रदीप नारायण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार प्रतीक त्रिवेदी, प्रदीप सिंह बब्बू तथा आनंद स्वरूप अग्रवाल सहित कला, प्रशासन और राजनीति जगत के कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
