दवाओं की ओवर-बिलिंग पर महाछापा; 15 मेडिकल कॉलेजों में जांच के बाद ₹4.86 करोड़ की दवाएं सीज, 49 फर्मों को नोटिस

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मरीजों को उचित दर पर जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध कराने तथा अस्पतालों की मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने एक बड़ा प्रदेशव्यापी अभियान चलाया है। अभियान के प्रथम चरण में 50 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने 9 जनपदों में स्थित 4 राजकीय और 11 निजी सहित 13 मेडिकल कॉलेजों की फार्मेसियों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान दवाओं की परचेज प्राइस (खरीद दर) और प्रिंटेड एमआरपी में भारी अंतर मिलने पर 15 निर्माता फर्मों के 49 सीएंडएफ, डिस्ट्रीब्यूटर्स व स्टॉकिस्ट को कड़े कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं।

संतोष मेडिकल कॉलेज में बड़ी कार्रवाई, 76 दवाओं में मूल्य उल्लंघन
इस सघन जांच के दौरान गाजियाबाद के संतोष मेडिकल कॉलेज में आपूर्ति श्रृंखला की भारी विसंगतियां मिलने पर विभाग ने ₹4.86 करोड़ मूल्य की औषधियों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। विभाग ने एक साल के रिकॉर्ड खंगालते हुए बाजार में उपलब्ध ऐसी 76 औषधियों को चिन्हित किया है, जिन्हें औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (DPCO), 2013 के तहत निर्धारित सीलिंग प्राइस से अधिक एमआरपी पर बेचा जा रहा था। इन फर्मों को एनपीपीए (NPPA) से प्राप्त वैधानिक छूट के दस्तावेज प्रस्तुत करने अन्यथा पूरा स्टॉक बाजार से वापस लेने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

डीपीसीओ उल्लंघन और कोल्ड-चेन में गंभीर खामियां
जांच में तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज (मुरादाबाद) में 4 तथा जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (हापुड़) में 3 दवाओं में डीपीसीओ-2013 के नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया इसके अतिरिक्त, हापुड़ के जीएस मेडिकल कॉलेज तथा हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (बाराबंकी) में जीवनरक्षक दवाओं की कोल्ड-चेन व्यवस्था ध्वस्त मिली, जिसके बाद दवाओं के पूरे स्टॉक को निर्माता फर्म को वापस भेजने का आदेश दिया गया।

इन प्रमुख संस्थानों में भी हुई सघन जांच
विभाग द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act) के तहत विधिक कार्रवाई के लिए जिन अन्य प्रमुख संस्थानों में जांच की गई, उनमें एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा, राजकीय मेडिकल कॉलेज, अयोध्या, हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बाराबंकी, डॉ. केएनएस मेमोरियल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज/मेयो इंस्टीट्यूट, बाराबंकी, रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बरेली, संतोष मेडिकल कॉलेज, गाजियाबाद, जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, हापुड़, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर, डॉ. बीएस कुशवाह मेडिकल कॉलेज, कानपुर, नारायण मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, कानपुर, रामा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, कानपुर, तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरनगर, हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, वाराणसी तथा आयुर्विज्ञान संस्थान, बीएचयू, वाराणसी शामिल हैं।दवाओं की शुद्धता जांचने के लिए टीमों ने मौके से 90 औषधि नमूने भी संग्रहित किए हैं।

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