
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, नई दिल्ली / लखनऊ / नेपालगंज रोड : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ( वर्चुअल ), डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, बहराइच के सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड के आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का उद्घाटन किया। लगभग 730 करोड़ रुपये की लागत से 56.15 किलोमीटर लंबे इस खंड को ब्रॉड गेज में बदला गया और इसका विद्युतीकरण किया गया। चार मौजूदा रेलगाड़ियों की सेवाओं को भी नेपालगंज रोड तक बढ़ाया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जिसमें कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखा।
पड़ोसी देश नेपाल की परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए, रेल मंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत सरकार सहायता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। वैष्णव ने बताया कि प्रभावित इलाकों से बचाकर भारत लाए जा रहे यात्रियों के लिए रेलवे भी व्यवस्थाएं कर रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने हेतु विशेष कोच और दूसरी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है। वैष्णव ने यह भी कहा कि रेलवे बोर्ड विभिन्न रेलवे जोनों, जिला एवं राज्य प्रशासनों तथा विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि नेपाल की परिस्थितियों से प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और वापसी सुनिश्चित की जा सके।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने न केवल मित्र देश नेपाल को, बल्कि भारत सहित कई देशों के लोगों को भी प्रभावित किया है और उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आपदा में अपने परिजनों को खो दिया है।
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच खंड अब ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क में एकीकृत
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच मीटर-गेज रेल खंड का निर्माण मूल रूप से 1886 में किया गया था। आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद, यह खंड अब ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। इससे बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड स्टेशनों को बेहतर कनेक्टिविटी हासिल हो रही है।
उद्घाटन किए जा रहे इस रेलवे खंड के बारे में बोलते हुए, वैष्णव ने कहा कि नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच खंड का आमान परिवर्तन अब देश के बड़े रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। वैष्णव ने कहा कि देश भर में ब्रॉड-गेज परिवर्तन कार्यक्रम पूरा होने वाला है।
लंबी दूरी की रेलगाड़ियों की सेवाओं का नेपालगंज रोड तक विस्तार
यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने हेतु, रेल मंत्रालय ने 14213/14214 वाराणसी–बहराइच एक्सप्रेस, 15132/15131 वाराणसी सिटी–गोरखपुर एक्सप्रेस और 75109/75110 व 75111/75112 गोंडा–बहराइच रेलगाड़ियों की दो जोड़ियों की सेवाओं को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
इन सेवाओं से नेपालगंज रोड और आस-पास के इलाकों के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी तथा दूसरे बड़े शहरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी हासिल होगी। इस विस्तार से इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी और बड़े शहरी एवं आर्थिक केन्द्रों तक पहुंच काफी बेहतर होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को भी लाभ होगा, खासकर उन लोगों को जो रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार और दूसरे कार्यों के लिए सीमावर्ती इलाकों में आते-जाते हैं।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि इस रेल खंड का उद्घाटन और चार नई रेलगाड़ियों की सेवाओं की शुरुआत इस इलाके के लोगों के दशकों पुराने सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस नई रेल कनेक्टिविटी से बहराइच, रुपईडीहा और नेपालगंज के बीच संपर्क मजबूत होगा तथा सीमा के दोनों ओर के लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।
आकांक्षी जिले बहराइच के लिए नए अवसर
आकांक्षी जिले बहराइच के सीमावर्ती इलाके में आमान परिवर्तन परियोजना के पूरा होने से इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को काफी गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लोगों एवं सामानों की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र में व्यापार, रोजगार, पर्यटन तथा सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सीधा ब्रॉड गेज संपर्क स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगा और सीमावर्ती इलाकों तथा उत्तर प्रदेश एवं उसके बाहर के प्रमुख शहरों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा।
उन्नत रेल बुनियादी ढांचे से इस क्षेत्र के लोगों के लिए नए अवसर सृजित होने और बहराइच व आस-पास के इलाकों के समग्र विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है।
इस रेल खंड के विद्युतीकरण से इलेक्ट्रिक इंजन वाली रेलगाड़ियों का परिचालन संभव हो पाएगा, जिससे डीजल ट्रैक्शन पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन को घटाने में मदद मिलेगी। यह पहल ऊर्जा की दृष्टि से किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल रेलवे के परिचालन की दिशा में भारतीय रेल के प्रयासों के अनुरूप है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल इलाके में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने हेतु व्यापक पैमाने पर योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन जगहों पर पहले से दोहरी लाइनें हैं, वहां तीसरी और चौथी लाइनें जोड़कर सात बड़े रेलवे नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने पूर्वांचल को सेवा प्रदान करने वाले दिल्ली-गाज़ियाबाद-मुरादाबाद-सीतापुर-बुढ़वल-गोंडा-गोरखपुर नेटवर्क का उल्लेख किया और कहा कि दिल्ली से गोंडा वाले खंड को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी के विकास से राज्य की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि यात्रा में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-आगरा की यात्रा में 58 मिनट, दिल्ली-कानपुर में 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली-लखनऊ में 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली-प्रयागराज की यात्रा में लगभग तीन घंटे लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली-वाराणसी की यात्रा में लगभग साढ़े तीन घंटे लगेंगे।
वैष्णव ने यह भी बताया कि प्रस्तावित कनेक्टिविटी को आगे चलकर पटना तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पटना के बीच 1,170 किलोमीटर की यात्रा लगभग साढ़े चार घंटे में पूरी की जा सकेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे लोग उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों के बीच बहुत कम समय में यात्रा कर सकेंगे।

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड का पूरा होना और लंबी दूरी की रेलगाड़ियों की सेवाओं का विस्तार, सीमावर्ती इलाके में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। यह परियोजना न केवल इस इलाके को देश के बड़े शहरों से बेहतर ढंग से जोड़ेगी, बल्कि सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के नए रास्ते भी खोलेगी।