
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जम्मू : आगामी सेब सीजन 2026 में सेब की सुरक्षित, समयबद्ध और किफायती ढुलाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार 21 अगस्त 2026 को श्रीनगर में रेलवे अधिकारियों द्वारा निदेशक, बागवानी, योजना एवं विपणन, श्रीनगर व सभी हितधारकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जम्मू मंडल की ओर से सहायक वाणिज्य प्रबंधक/एफएस/जम्मू और सहायक परिचालन प्रबंधक/एम/जम्मू ने भाग लिया, साथ ही बागवानी विभाग के अधिकारी, फल उत्पादक, किसान एग्रीगेटर्स और व्यापारी एग्रीगेटर्स सहित लगभग 30-35 प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस बैठक में विभिन्न व्यापारी वर्ग, किसानों और सेब व्यापारियों ने स्वयं उपस्थित होकर तथा वर्चुअल माध्यम से भी हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी सेब सीजन में रेलवे के माध्यम से सेब की सुरक्षित, समयबद्ध और किफायती ढुलाई सुनिश्चित करना था।

बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, विशेष रूप से अनंतनाग और पांपोर गुड्स शेड से फलों की ढुलाई और बड़गाम से आदर्श नगर दिल्ली तक पार्सल ट्रेन के माध्यम से सेब के परिवहन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बागवानी विभाग, फल उत्पादकों और सेब व्यापारियों ने पिछले वर्ष रेलवे द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के लिए आभार और प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 2025 में जब प्राकृतिक कारणों से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद था, उस कठिन समय में रेलवे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जम्मू मंडल द्वारा मालगाड़ी और जेपीपी-आरसीएस पार्सल ट्रेन, पार्सल वैन और बीसीएन वैगनों के माध्यम से कश्मीर से देश की अन्य मंडियों तक लगभग 20,000 टन सेब का सफलतापूर्वक परिवहन किया गया, जिससे उत्पादकों और व्यापारियों को भारी नुकसान से बचाया जा सका।

आगामी सेब सीजन 2026 को देखते हुए बैठक में इस वर्ष भी रेलवे के माध्यम से सेब को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाने पर चर्चा की गई। इस संबंध में निर्णय लिया गया कि बागवानी निदेशालय द्वारा एक सप्ताह के भीतर अनुमानित मात्रा और परिवहन आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी रेलवे को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि रेलवे द्वारा समय पर पार्सल वैन रेक और बीसीएन वैगनों की व्यवस्था की जा सके। बैठक में रेलवे अधिकारियों ने सभी एग्रीगेटर्स को सलाह दी कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार रेलवे पार्सल सेवा पर विचार करें और अग्रिम रूप से मांग पत्र भरें। व्यापारी अपना मांग पत्र ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिससे उनके माल को भेजने के लिए निर्धारित रूटों में शामिल किया जा सके और मांग पत्र प्राप्त होने पर प्राथमिकता के आधार पर पार्सल रेक या वैगन उपलब्ध कराए जा सकें।

अधिकारियों ने बताया कि रेलवे से परिवहन एग्रीगेटर्स और किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक है। सड़क परिवहन की तुलना में रेलवे का किराया किफायती होने से प्रति पेटी लागत कम होगी और मुनाफे में सीधी बढ़ोतरी होगी। खराब मौसम, भूस्खलन और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम होने की स्थिति में भी रेल मार्ग से सेब सुरक्षित और तय समय पर मंडियों तक पहुंचेगा, जिससे फलों के खराब होने का जोखिम न के बराबर होगा। पार्सल वैन और बीसीएन वैगनों के माध्यम से एक साथ बड़ी मात्रा में सेब भेजा जा सकता है, जिससे बार-बार छोटे लोड भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही बड़गाम से आदर्श नगर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता सहित देश की सभी बड़ी फल मंडियों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जम्मू उचित सिंघल ने कहा, “कि रेलवे जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र और यहाँ के किसान भाइयों की समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है कि इस वर्ष पिछले वर्ष से भी अधिक सेब का परिवहन रेलवे के माध्यम से हो। सभी किसान और व्यापारी भाई अधिक से अधिक संख्या में रेलवे पार्सल सेवा से जुड़ें।”
बैठक के अंत में सभी एग्रीगेटर्स ने इस वर्ष भी रेलवे के साथ मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।
