दीनदयाल शोध संस्थान की साधारण सभा की वार्षिक बैठक चित्रकूट में सम्पन्न, देश भर से प्रतिनिधियों की रही भागीदारी

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, चित्रकूट : दीनदयाल शोध संस्थान की प्रबन्ध समिति एवं वार्षिक साधारण सभा की दो दिवसीय बैठक 6-7 अगस्त को जे पी सभागार दीनदयाल परिसर चित्रकूट में संपन्न हुई। इस वार्षिक बैठक में दिल्ली, गोण्डा, बीड, नागपुर एवं चित्रकूट आदि में संस्थान के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समाज, राष्ट्र में अपनी सेवायें दे रहे कार्यकर्ताओं सहित साधारण सभा के प्रतिनिधि के रूप में विविध क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ता देश भर के कोने-कोने से सहभागी रहे।

बैठक का शुभारंभ भारत माता एवं राष्ट्रऋषि भारतरत्न नाना जी देशमुख व एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। सर्वसप्रथम विगत एक वर्ष में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई जिसमे संस्थान के परिजनों के दिवंगतजनों तथा सुरक्षा बलों, सैनिकों, अर्धसैनिक बलों जो प्राकृतिक आपदाओं एवं आतंकवादी घटनाओं में जान गंवाने वाले सभी हुतात्माओं की आत्मा की शांति हेतु श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं दीनदयाल शोध संस्थान के संपर्क अधिकारी सुरेश सोनी, दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना, उपाध्यक्ष उत्तम बनर्जी, अतुल जैन, प्रधान सचिव निखिल मुण्डले, कोषाध्यक्ष बसंत पंडित, राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

बैठक में दीनदयाल शोध संस्थान के गोंडा, यूपी प्रकल्प प्रभारी श्री राम कृष्ण तिवारी, दिल्ली प्रकल्प प्रभारी व मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ वशिष्ठ, चित्रकूट प्रकल्प से महाप्रबंधक डॉ अनिल जायसवाल, बीड़, महाराष्ट्र के प्रभारी डॉ उपेंद्र कुलकर्णी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

साधारण सभा बैठक में दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट, गोंडा, बीड़, नागपुर एवं दिल्ली प्रकल्पों द्वारा किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतीकरण एवं संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों का ग्राम स्तर पर व्यक्तियों तथा समाज पर हो रहे उसके प्रभाव का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए कार्यों एवं सम्मिलित की गई कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन व उसके व्यापक परिणामों पर विचार विमर्श किया गया। इस वित्तीय वर्ष में किए जा रहे कार्यों का समाज पर और बेहतर प्रभाव की दृष्टि से योजना – रचना पर विस्तृत चर्चा की गई एवं पिछले वर्ष के तुलनापत्र का अनुमोदन भी सर्वसम्मति से किया गया।

बैठक में विद्या भारती मध्य भारत के पूर्व प्रांत सह संगठन मंत्री अनिल अग्रवाल को दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय सह संगठन सचिव के रूप में मनोनीत किया गया।

इस दौरान अपने उद्बोधन में सम्पर्क अधिकारी सुरेश सोनी ने कहा कि सर्वसम्मति से लिये गए निर्णयों का शत-प्रतिशत पालन हो क्रियान्वयन करने वालों को इस पर विशेष ध्यान देना होगा। भारत के सनातन चिंतन को आज के युवाओं के अनुसार युगानुकूल बनाना होगा। हमारे समाज मे विविधताएं हैं किंतु समाज मे परस्परावलम्बन की भावना विकसित करनी होगी। सृष्टि के अंदर सभी को प्रकृति के सुसंगत जीवन जीना होगा, हमारे कार्य एवं गतिविधियां व्यावहारिम एवं समाचीन हो तथा समाज पर उसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दें। सभी आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनें इसके लिए स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग हो यह भी सुनिश्चित करें कार्यों में नित नवाचारों का समावेश हो।

हम ग्राम समितियों के प्रशिक्षण का मॉडल तैयार करें उसके सदस्यों को दायित्व बोध कराएं और उन्हें अलग-अलग दायित्व दें। सभी प्रकल्प अपने आसपास के गाँवों को चिन्हित करें और बहुआयामी प्रशिक्षण के मॉडल निर्माण करें। ग्रामों का विकास होना चाहिए जिसमे शरीर शहर का हो लेकिन आत्मा गांव की इस विचार के साथ सभी गांव का संपूर्ण स्थाई विकास किया जा सकता है। संस्थान के कार्यों की व्यापकता बढ़े, समाज के सभी वर्गों का सहयोग एवं सहभागिता बढ़े इसके लिए आवश्यक है कि हमारे द्वारा किये जा रहे कार्य सर्वस्पर्शी हों। आर्थिक गतिविधियों में समाज की सहभागिता बढ़ाएं, किये जा रहे कार्यों का प्रस्तुतिकरण बेहतर तरीके से हो।

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