मंडलीय चिकित्सालय, वाराणसी में “कॉम्प्रिहेन्सिव एबॉर्शन केयर एवं एमटीपी (संशोधन) अधिनियम – 2021”, कार्यशाला आयोजित

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, वाराणसी : मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा आर.जे. चौधुरी की अध्यक्षता में मंडलीय चिकित्सालय, वाराणसी एवं आईपीएएस डेवलपमेंट फाउंडेशन, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार 18 जुलाई, 2026 को कॉम्प्रिहेन्सिव एबॉर्शन केयर तथा मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी संशोधन अधिनियम–2021 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण गर्भपात सेवाओं, परिवार नियोजन तथा नवीनतम कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. जे. चौधुरी ने सुरक्षित मातृ स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि सभी सेवा प्रदाताओं को महिलाओं की गरिमा, गोपनीयता तथा अधिकारों का सम्मान करते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

कार्यशाला का संचालन आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन, लखनऊ के वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी प्रकाश चंद ने किया। उन्होंने कंप्रेहंसिव एबॉर्शन केयर की अवधारणा, सुरक्षित गर्भपात सेवाओं, परामर्श, गर्भपात उपरांत देखभाल, परिवार नियोजन तथा एमटीपी (अमेन्डमेंट) Act, 2021 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही सेवाओं के उचित अभिलेखीकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को बताया गया कि संशोधित अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित एवं कानूनी गर्भपात सेवाओं तक बेहतर पहुँच प्रदान करता है, असुरक्षित गर्भपात से होने वाली मातृ मृत्यु एवं जटिलताओं को कम करने में सहायक है तथा महिलाओं की गोपनीयता एवं प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

इस अवसर पर मंडल चिकित्सालय के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. आर. सिंह, डॉ ए. के. सिंह, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. कल्पना दुबे, वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका शुक्ला सहित मंडलीय चिकित्सालय के चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं !

Related Articles

Back to top button