पश्चिम मध्य रेल – नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 18वीं छःमाही बैठक सपन्न

सूर्योदय भारत समाचार सेवा, जबलपुर : नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कार्यालय क्रमांक-02, जबलपुर की 18वीं छमाही समीक्षा बैठक 27 जुलाई 2026 को समिति अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक, पश्चिम मध्य रेल दिलीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सिंह ने कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के गठन का उद्देश्य जबलपुर नगर में स्थित केंद्रीय कार्यालयों, संस्थानों, उपक्रमों एवं निगमों आदि में राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रसार को बढ़ावा देना है। राजभाषा हिंदी हमारे संवैधानिक राजभाषा दायित्व के साथ-साथ प्रशासनिक कार्य को सरल, सहज एवं जनसुलभ बनाने का प्रभावी माध्यम है। हमारा उद्देश्य नियमों को पालन करने के साथ-साथ दैनिक सरकारी कामकाज में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित करना भी है।

महाप्रबंधक ने वर्ष 2025 के दौरान राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रसार में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले केंद्रीय कार्यालयों, निगमों एवं उपक्रमों को सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले 03 कार्यालयों को राजभाषा शील्ड, 03 कार्यालयों को राजभाषा ट्रॉफी तथा 06 सदस्य कार्यालयों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

सिंह ने सदस्य कार्यालयों का आह्वान करते हुए कहा कि दैनिक सरकारी कामकाज में अधिक से अधिक राजभाषा हिंदी का प्रयोग करें तथा भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम वर्ष 2026-27 में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सकारात्मक एवं प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने आगे कहा कि आज के डिजिटल युग में ई-मेल, पोर्टल एवं विभिन्न ऑनलाइन प्रणालियों में हिंदी का प्रभावी उपयोग समय की मांग है। इसलिए हमें अपने कार्यालयीन कार्यों में सरल, सहज एवं आम बोलचाल की भाषा का अधिकाधिक प्रयोग करना चाहिए, ताकि हमारी बात आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

इस अवसर पर मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एम.एस. हाशमी ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी कार्यालयों को बधाई देते हुए अपने संबोधन में कहा कि समिति के सभी सदस्य कार्यालयों में दैनिक सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग एवं प्रसार में निरंतर प्रगति हो रही है। सरकारी कामकाज में सरल एवं सामान्य हिंदी का आधिकारिक प्रयोग भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप है। जनसाधारण की भाषा में सरकारी कामकाज होने से विकास की गति तेज होगी तथा प्रशासन में पारदर्शिता और जनसुलभता बढ़ेगी।

बैठक में विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के प्रशासनिक एवं विभाग प्रमुख, अन्य प्रतिनिधि अधिकारी एवं कर्मचारी तथा उप मुख्य राजभाषा अधिकारी विवेक कुमार गुप्ता उपस्थित रहे।

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